परविंदर सिंह झोटा हत्या मामले में सीबीआई ने अपनी जांच का दायर बढ़ा दिया है। सोमवार सुबह सीबीआई की टीम ने मानसा शहर के वीर नगर मोहल्ले में मेडिकल स्टोर मालिकों के एक गोदाम पर छापेमारी की। जिसके बाद इलाके में हडकंप मच गया। सीबीआई की तरफ से शहर में लगातार कई जगहों पर रेड कर रही है। इन छापों के चलते कई मेडिकल स्टोर बंद हो गए हैं और उनके मालिक फरार हो गए हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई से नशा बेचने वाले लोगों में डर का माहौल है। जांच एजेंसी अश्विनी कुमार, जो झोटा की हत्या में शामिल है, और मानसा मेडिकोज जैसे ठिकानों पर भी रेड कर रही है। इन छापों का मकसद यह पता लगाना है कि मानसा शहर में कितने नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं और परविंदर सिंह झोटा की हत्या के पीछे किसकी साजिश थी। सीबीआई की टीमों ने शैलर में लगातार दो दिन की छापेमारी सीबीआई की टीमों ने मामले की जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों द्वारा मानसा के एक मेडिकल स्टोर संचालक के गांव अक्कांवाली स्थित शैलर में लगातार दो दिनों तक छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने और साक्ष्य जुटाने के लिए सीबीआई की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच में जुटी हुई हैं। ये टीमें मानसा के विभिन्न मेडिकल स्टोरों के संचालकों, दुकानदारों और अन्य गवाहों से पूछताछ कर रही हैं, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। जांच के दौरान परविंदर सिंह झोटा द्वारा मेडिकल स्टोरों पर कथित तौर पर खुलेआम नशीले पदार्थ बेचे जाने के संबंध में वायरल किए गए वीडियो भी एकत्र किए गए हैं। जांच एजेंसी इन वीडियो के आधार पर मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। इसके अलावा, जांच टीम मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के हथियार से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, आरोपी के ध्वस्त किए गए मेडिकल स्टोर के मलबे से भी कुछ साक्ष्य और महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए गए हैं। सीबीआई की विभिन्न टीमें मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच के निष्कर्षों और एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

