पठानकोट के बेटे रोमांच महाजन की याद में उमड़ा शहर:जिले की राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने आयोजित किया श्रद्धांजलि समारोह ‘अनुभूति’

पठानकोट के बेटे रोमांच महाजन की याद में उमड़ा शहर:जिले की राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने आयोजित किया श्रद्धांजलि समारोह ‘अनुभूति’

न्यू यॉर्क के सेंट्रल पार्क में हुए हादसे में अपनी जान गंवाने वाले पठानकोट के 18 वर्षीय होनहार युवक रोमांच महाजन की पावन स्मृति में रविवार को शहर के डल्हौजी रोड स्थित होटल ओपुलेंस में एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम ‘अनुभूति’ (Tribute to the Immortal) आयोजित किया गया। इस भावुक अवसर पर पठानकोट की तमाम राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्थानीय व्यापारी, समाजसेवक, राजनेता और बड़ी संख्या में आम शहरवासी एकजुट हुए और ‘फक्र-ए-पठानकोट’ रोमांच महाजन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रोमांच के पिता दीपक महाजन, दादा सुरेश महाजन और विनोद महाजन सहित परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। डॉक्यूमेंट्री में दिखा कैसे खत्म हुई 160 साल पुरानी प्रथा श्रद्धांजलि समारोह के दौरान एक विशेष शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसमें दिखाया गया कि किस प्रकार अमेरिका (न्यू यॉर्क) में रोमांच के निधन के बाद 160 साल पुरानी ‘घोड़ा-बग्गी’ परंपरा को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही डॉक्यूमेंट्री के जरिए रोमांच के 18 वर्षों के प्रेरणादायक जीवन सफर को दर्शाया गया। उनके दादा विनोद महाजन ने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि रोमांच बेहद धार्मिक और अनुशासित विचारों का बालक था। महज 6 वर्ष की अल्पायु में ही वह गुरबाणी से जुड़ गया था और विभिन्न गुरुद्वारों में जाकर पाठ किया करता था। वह हमेशा बुरी संगत से दूर रहा और पढ़ाई-लिखाई में बेहद होनहार और अव्वल था। ‘Romanch’s Law’ और PETA से मिला ऐतिहासिक सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मार्केट कमेटी के चेयरमैन समीर शारदा ने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देश में किसी भारतीय नागरिक के नाम पर पहला कानून “Romanch’s Law” बनना पूरे भारतवर्ष और पठानकोट के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि अमेरिका में रोमांच को ‘एंजल ऑफ एनिमल’ और ‘मैसेंजर ऑफ गॉड’ जैसे सर्वोच्च सम्मानों से संबोधित किया जा रहा है। पशु अधिकार संस्था पेटा (People for the Ethical Treatment of Animals) ने अपने वर्जीनिया (अमेरिका) स्थित अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय में स्थित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ पर पहली बार किसी भारतीय को सम्मानित करते हुए रोमांच महाजन के नाम की एक पत्ती समर्पित की है। जिस पर अंकित किया गया है रोमांच महाजन की प्यारी याद में पशुओं के लिए एक देवदूत। संस्था बनाने पर विचार, उठाएगी गरीब बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा जिले के प्रसिद्ध आर्टिस्ट शम्मी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका द्वारा दिया गया यह सम्मान निसंदेह ऐतिहासिक और बहुत बड़ा है, लेकिन इसके लिए पठानकोट और देश द्वारा दिया गया बलिदान उससे भी कहीं ज्यादा बड़ा है। पशुओं के कल्याण के लिए बने इस कानून की एवज में भारत ने जो अमूल्य रत्न खोया है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। शम्मी चौधरी ने शहर की सभी संस्थाओं और रोमांच के परिवार से आह्वान किया कि रोमांच की याद और सोच को अमर रखने के लिए उनके नाम पर एक ट्रस्ट/संस्था का गठन किया जाना चाहिए। यह संस्था जिले के उन होनहार बच्चों की स्कूली व उच्च शिक्षा का पूरा खर्च और जिम्मा उठाएगी जो संसाधनों व आर्थिक तंगी की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। उनके इस प्रस्ताव पर रोमांच के परिवार और शहर के सभी प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी सहमति जताई। इसके अलावा शहर के प्रमुख कारोबारियों सतीश महिंद्रू, इंद्रजीत गुप्ता और सुनील महाजन ने पठानकोट के समस्त नागरिकों व संस्थाओं द्वारा दिए गए इस सामूहिक सम्मान और प्रयास की सराहना की।

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