पटना नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने और प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर अभियान तेज कर दिया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा द्वारा टैक्स के दायरे से बाहर की संपत्तियों को चिह्नित करने, पुरानी संपत्तियों के टैक्स का री-असेसमेंट करने और बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। सभी टीमों को 15 दिनों के भीतर निर्धारित कार्य पूरा कर प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। 6 लाख बिजली उपभोक्ताओं के डेटा से चिह्नित होंगी संपत्तियां निगम को बिजली विभाग से करीब छह लाख उपभोक्ताओं का डेटा मिला है। कंट्रोल रूम के माध्यम से इन उपभोक्ताओं से फोन पर संपर्क कर यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित संपत्ति का होल्डिंग टैक्स निर्धारित है या नहीं। जो संपत्तियां अब तक कर के दायरे से बाहर मिली हैं, उनका नियमानुसार कर निर्धारण किया जाएगा। 4 हजार अपार्टमेंट और भवनों का होगा री-असेसमेंट निगम ने करीब चार हजार अपार्टमेंट और भवनों की सूची सभी अंचलों को उपलब्ध कराई है। इनमें संपत्ति कर निर्धारण की जांच और पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। निगम के अनुसार, कई मामलों में एक ही भवन के अलग-अलग फ्लैटों का कर अलग-अलग श्रेणी की सड़क के आधार पर निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है। अब संपत्ति के वास्तविक उपयोग, क्षेत्रफल, सड़क की श्रेणी और अन्य मानकों के आधार पर कर निर्धारण की जांच होगी। संपत्ति के निर्माण, उपयोग या अन्य विवरण में बदलाव होने के बावजूद PID में अपडेट नहीं कराने वाले मामलों में भी रिकॉर्ड को वर्तमान स्थिति के अनुसार संशोधित किया जाएगा। 80 करोड़ बकाया, 689 बड़े बकायेदारों पर विशेष नजर नगर निगम क्षेत्र की करीब 1.50 लाख संपत्तियों पर लगभग 80 करोड़ रुपये का होल्डिंग टैक्स बकाया है। इनमें 689 ऐसी संपत्तियां हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का बकाया है। निगम पहले चरण में इन बड़े बकायेदारों से व्यक्तिगत और फोन के माध्यम से संपर्क कर भुगतान कराने की कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। मॉल और निजी अस्पतालों के टैक्स की भी होगी जांच मॉल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रॉपर्टी टैक्स का भी पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। टाउन प्लानर्स और आर्किटेक्ट्स की टीम वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल और उपयोग की जांच करेगी। स्वीकृत नक्शे और निगम के रिकॉर्ड से इसका मिलान किया जाएगा। स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण, बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन या स्व-मूल्यांकन में गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। एक अक्टूबर से 1.5% अतिरिक्त जुर्माना वित्तीय वर्ष 2026-27 का होल्डिंग टैक्स जमा नहीं करने वाले करदाताओं पर एक अक्टूबर से 1.5 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने की तैयारी है। निगम की ओर से करदाताओं को मैसेज भेजकर समय पर भुगतान करने की सूचना दी जा रही है। निगम क्षेत्र में करीब तीन लाख होल्डिंग करदाता हैं। तीन जगहों पर बहुमंजिली कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव दूसरी ओर बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत पटना नगर निगम क्षेत्र में तीन प्रमुख बहुमंजिली कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिलनी है। प्रस्तावित परियोजनाएं आर्य कुमार रोड, खेतान मार्केट और एएन कॉलेज पानी टंकी के पास विकसित की जानी हैं। इसी क्रम में विश्व बैंक की प्रतिनिधि ने एएन कॉलेज पानी टंकी के पास प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। 3 एकड़ जमीन पर बनेगा आधुनिक व्यावसायिक केंद्र पाटलिपुत्र अंचल में करीब तीन एकड़ अतिक्रमणमुक्त नगर निगम भूमि पर प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में दुकानें और रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट, डाइनिंग एरिया तथा कार्यालयों के लिए जगह उपलब्ध कराने की योजना है। बेसमेंट पार्किंग के साथ लिफ्ट, एस्केलेटर, 24 घंटे पावर बैकअप, सेंट्रलाइज्ड HVAC और आधुनिक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था प्रस्तावित है। परिसर में रूफटॉप सोलर प्लांट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, CCTV, एक्सेस कंट्रोल, लैंडस्केपिंग और खुले सार्वजनिक स्थान भी विकसित किए जाएंगे। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रैंप, अनुकूल पेविंग और सुलभ शौचालय की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। पटना नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने और प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर अभियान तेज कर दिया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा द्वारा टैक्स के दायरे से बाहर की संपत्तियों को चिह्नित करने, पुरानी संपत्तियों के टैक्स का री-असेसमेंट करने और बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। सभी टीमों को 15 दिनों के भीतर निर्धारित कार्य पूरा कर प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। 6 लाख बिजली उपभोक्ताओं के डेटा से चिह्नित होंगी संपत्तियां निगम को बिजली विभाग से करीब छह लाख उपभोक्ताओं का डेटा मिला है। कंट्रोल रूम के माध्यम से इन उपभोक्ताओं से फोन पर संपर्क कर यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित संपत्ति का होल्डिंग टैक्स निर्धारित है या नहीं। जो संपत्तियां अब तक कर के दायरे से बाहर मिली हैं, उनका नियमानुसार कर निर्धारण किया जाएगा। 4 हजार अपार्टमेंट और भवनों का होगा री-असेसमेंट निगम ने करीब चार हजार अपार्टमेंट और भवनों की सूची सभी अंचलों को उपलब्ध कराई है। इनमें संपत्ति कर निर्धारण की जांच और पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। निगम के अनुसार, कई मामलों में एक ही भवन के अलग-अलग फ्लैटों का कर अलग-अलग श्रेणी की सड़क के आधार पर निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है। अब संपत्ति के वास्तविक उपयोग, क्षेत्रफल, सड़क की श्रेणी और अन्य मानकों के आधार पर कर निर्धारण की जांच होगी। संपत्ति के निर्माण, उपयोग या अन्य विवरण में बदलाव होने के बावजूद PID में अपडेट नहीं कराने वाले मामलों में भी रिकॉर्ड को वर्तमान स्थिति के अनुसार संशोधित किया जाएगा। 80 करोड़ बकाया, 689 बड़े बकायेदारों पर विशेष नजर नगर निगम क्षेत्र की करीब 1.50 लाख संपत्तियों पर लगभग 80 करोड़ रुपये का होल्डिंग टैक्स बकाया है। इनमें 689 ऐसी संपत्तियां हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का बकाया है। निगम पहले चरण में इन बड़े बकायेदारों से व्यक्तिगत और फोन के माध्यम से संपर्क कर भुगतान कराने की कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। मॉल और निजी अस्पतालों के टैक्स की भी होगी जांच मॉल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रॉपर्टी टैक्स का भी पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। टाउन प्लानर्स और आर्किटेक्ट्स की टीम वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल और उपयोग की जांच करेगी। स्वीकृत नक्शे और निगम के रिकॉर्ड से इसका मिलान किया जाएगा। स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण, बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन या स्व-मूल्यांकन में गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। एक अक्टूबर से 1.5% अतिरिक्त जुर्माना वित्तीय वर्ष 2026-27 का होल्डिंग टैक्स जमा नहीं करने वाले करदाताओं पर एक अक्टूबर से 1.5 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने की तैयारी है। निगम की ओर से करदाताओं को मैसेज भेजकर समय पर भुगतान करने की सूचना दी जा रही है। निगम क्षेत्र में करीब तीन लाख होल्डिंग करदाता हैं। तीन जगहों पर बहुमंजिली कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव दूसरी ओर बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत पटना नगर निगम क्षेत्र में तीन प्रमुख बहुमंजिली कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिलनी है। प्रस्तावित परियोजनाएं आर्य कुमार रोड, खेतान मार्केट और एएन कॉलेज पानी टंकी के पास विकसित की जानी हैं। इसी क्रम में विश्व बैंक की प्रतिनिधि ने एएन कॉलेज पानी टंकी के पास प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। 3 एकड़ जमीन पर बनेगा आधुनिक व्यावसायिक केंद्र पाटलिपुत्र अंचल में करीब तीन एकड़ अतिक्रमणमुक्त नगर निगम भूमि पर प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में दुकानें और रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट, डाइनिंग एरिया तथा कार्यालयों के लिए जगह उपलब्ध कराने की योजना है। बेसमेंट पार्किंग के साथ लिफ्ट, एस्केलेटर, 24 घंटे पावर बैकअप, सेंट्रलाइज्ड HVAC और आधुनिक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था प्रस्तावित है। परिसर में रूफटॉप सोलर प्लांट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, CCTV, एक्सेस कंट्रोल, लैंडस्केपिंग और खुले सार्वजनिक स्थान भी विकसित किए जाएंगे। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रैंप, अनुकूल पेविंग और सुलभ शौचालय की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।

