फतेहपुर के सरस्वती बाल मंदिर शिवपुरम में कक्षा 11 के छात्र तेजस की मौत के मामले में स्कूल प्रबंधन की चार बड़ी खामियां सामने आई हैं। 26 अगस्त को त्रैमासिक परीक्षा के दौरान नकल की पर्ची मिलने पर छात्र की पिटाई की गई थी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी। बाद में तेजस औद्योगिक क्षेत्र में पानी की टंकी के पास बेहोश मिला था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले की जांच जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार ने की। उनकी जांच रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन की ओर से नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। डीआईओएस ने रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेज दी है। अब बोर्ड स्तर से नियमों के अनुसार स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जांच में नकल करते पकड़े जाने पर छात्र को शारीरिक दंड देने की प्रक्रिया को नियम विरुद्ध पाया गया। इसके अलावा छुट्टी के दिन स्कूल खोलकर परीक्षा कराना, छात्र को माता-पिता के साथ स्कूल आने का नोटिस देना और छात्र से कथित रूप से जुर्माना लेने के मामले भी जांच में सामने आए हैं। 1500 रुपये जुर्माने के आरोप की जांच में पुष्टि नहीं हो सकी। नकल मिलने पर दूसरी कॉपी देने का था नियम जांच के मुताबिक, त्रैमासिक परीक्षा के दौरान यदि किसी छात्र के पास नकल की पर्ची मिलती है तो उसे शारीरिक दंड देने के बजाय दूसरी कॉपी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी। तेजस के मामले में नकल की पर्ची मिलने के बाद उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई, जिसे जांच में नियमों के अनुरूप नहीं माना गया। छुट्टी के दिन परीक्षा कराने पर भी सवाल जांच में यह भी सामने आया कि 26 अगस्त को छुट्टी के दिन स्कूल खोलकर परीक्षा कराई गई थी। नियमों के अनुसार छुट्टी के दिन स्कूल खोलकर परीक्षा कराने को लेकर भी सवाल उठे हैं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्र को माता-पिता के साथ स्कूल आने का नोटिस जारी किया गया था, जबकि जांच के अनुसार ऐसा नोटिस नहीं दिया जाना चाहिए था। 1500 रुपए जुर्माने के आरोप की पुष्टि नहीं छात्र से 1500 रुपये जुर्माना लिए जाने का आरोप भी सामने आया था। हालांकि डीआईओएस की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। जांच रिपोर्ट में सामने आई अन्य खामियों के आधार पर रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेज दी गई है। बोर्ड के स्तर से होगी आगे की कार्रवाई डीआईओएस राकेश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि तेजस की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेज दी गई है। नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, छात्र के परिवार वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

