पटना में दुकान-मकान में लगी आग,सास-बहू और बच्ची की मौत:जान बचाने के लिए महिला छत से कूदी, पैर टूटा; पूजा की थाली से फैली थी आग

पटना में दुकान-मकान में लगी आग,सास-बहू और बच्ची की मौत:जान बचाने के लिए महिला छत से कूदी, पैर टूटा; पूजा की थाली से फैली थी आग

बख्तियारपुर के पुरानी बाईपास स्थित अब्बु महमदपुर में शनिवार की देर शाम मोटर पार्ट्स की दुकान में आग लगी। दुकान में मोबिल और और डीजल रखा था। इससे आग देखते ही देखते भड़क गई। दुकान के ऊपर बने घर में परिवार के लोग फंस गए। घर में आने-जाने के लिए दुकान से होकर जाने वाली एक ही सीढ़ी थी। आग और धुएं ने यह रास्ता भी घेर लिया। हादसे में 2 महिला और छह माह की बच्ची की मौत हो गई। एक महिला छत से कूदने के दौरान घायल हो गई। उसका पैर टूट गया। मृतकों में दुकानदार पंकज कुमार की 65 वर्षीय मां गीता देवी, पत्नी रीमा देवी और बहन मोनी की छह माह की बेटी अशोक सुंदरी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, पंकज कुमार के घर में शनिवार को शिव चर्चा का आयोजन किया गया था। पूजा के बाद घरवालों ने पूजा की थाली गेट के पास रख दी। परिजनों ने बताया कि इसी दौरान गेट पर लगे पर्दे में आग लग गई, जो देखते ही देखते गेट से होते हुए दुकान तक फैल गई। घटना के समय घर में पंकज कुमार की करीब 50 वर्षीय मां गीता देवी, पत्नी रीना देवी, बहन मोनी कुमारी और पांच माह की भगिनी मौजूद थीं। पंकज के मुताबिक, दुकान की तरफ से आग की लपटें बाहर निकल रही थीं, जबकि धुआं घर के अंदर भर रहा था। आग और धुएं के बीच परिवार के लोग छत की ओर निकलने की कोशिश करने लगे। पंकज ने बताया कि उनकी मां और मासूम बच्ची अंदर रह गई थीं। उन्हें बचाने के लिए पत्नी रीना देवी भी अंदर गईं, लेकिन आग और धुआं इतना ज्यादा था कि तीनों बाहर नहीं निकल सकीं। बख्तियारपुर के पुरानी बाईपास स्थित अब्बु महमदपुर में शनिवार की देर शाम मोटर पार्ट्स की दुकान में आग लगी। दुकान में मोबिल और और डीजल रखा था। इससे आग देखते ही देखते भड़क गई। दुकान के ऊपर बने घर में परिवार के लोग फंस गए। घर में आने-जाने के लिए दुकान से होकर जाने वाली एक ही सीढ़ी थी। आग और धुएं ने यह रास्ता भी घेर लिया। हादसे में 2 महिला और छह माह की बच्ची की मौत हो गई। एक महिला छत से कूदने के दौरान घायल हो गई। उसका पैर टूट गया। मृतकों में दुकानदार पंकज कुमार की 65 वर्षीय मां गीता देवी, पत्नी रीमा देवी और बहन मोनी की छह माह की बेटी अशोक सुंदरी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, पंकज कुमार के घर में शनिवार को शिव चर्चा का आयोजन किया गया था। पूजा के बाद घरवालों ने पूजा की थाली गेट के पास रख दी। परिजनों ने बताया कि इसी दौरान गेट पर लगे पर्दे में आग लग गई, जो देखते ही देखते गेट से होते हुए दुकान तक फैल गई। घटना के समय घर में पंकज कुमार की करीब 50 वर्षीय मां गीता देवी, पत्नी रीना देवी, बहन मोनी कुमारी और पांच माह की भगिनी मौजूद थीं। पंकज के मुताबिक, दुकान की तरफ से आग की लपटें बाहर निकल रही थीं, जबकि धुआं घर के अंदर भर रहा था। आग और धुएं के बीच परिवार के लोग छत की ओर निकलने की कोशिश करने लगे। पंकज ने बताया कि उनकी मां और मासूम बच्ची अंदर रह गई थीं। उन्हें बचाने के लिए पत्नी रीना देवी भी अंदर गईं, लेकिन आग और धुआं इतना ज्यादा था कि तीनों बाहर नहीं निकल सकीं।  

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