पटना के 92 घाटों, 82 तालाबों में अर्घ्य की व्यवस्था:छठ पूजा को लेकर तीन चरणों में होगी सफाई, हर वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती

पटना के 92 घाटों, 82 तालाबों में अर्घ्य की व्यवस्था:छठ पूजा को लेकर तीन चरणों में होगी सफाई, हर वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती

छठ महापर्व को लेकर पटना नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नकटा दियारा से दीदारगंज बालू घाट तक 92 गंगा घाटों के अलावा 82 स्थायी और अस्थायी तालाबों, पोखरों व पार्कों में अर्घ्य देने की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ के कारण घाटों पर जमा गाद हटाने, क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत और संपर्क पथों को दुरुस्त करने का काम प्राथमिकता पर है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, रोशनी, शौचालय, चेंजिंग रूम, पार्किंग और यात्री शेड की व्यवस्था भी की जा रही है। तीन चरणों में होगी घाटों की सफाई नगर निगम सभी चिह्नित गंगा घाटों, तालाबों, पोखरों, पार्कों और उनके संपर्क पथों की तीन चरणों में सफाई कराएगा। पहले चरण में दीपावली तक सफाई पूरी करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में 9 से 11 नवंबर तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। दीपावली के बाद घाटों पर पूजन सामग्री से गंदगी फैलने की आशंका को देखते हुए कृत्रिम तालाब और डस्टबिन भी रखे जाएंगे। गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरे चरण में 13 से 16 नवंबर तक घाटों, तालाबों और पार्कों की रोजाना सफाई कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। घाटों पर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग, खतरनाक जगहों की होगी घेराबंदी छठ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गंगा घाटों पर तीन स्तरीय रेलिंग और बैरिकेडिंग की जाएगी। बांस-बल्लों को मजबूत बनाने के लिए क्रॉस बैरिकेडिंग भी की जाएगी। श्रद्धालुओं को रास्तों की जानकारी देने के लिए साइनेज, बैनर और फ्लैक्स लगाए जाएंगे। खतरनाक घाटों को चिह्नित कर वहां चेतावनी संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाएगी। ऐसे स्थानों को लाल कपड़े से घेरकर श्रद्धालुओं को जाने से रोका जाएगा। संपर्क पथों पर खुले बिजली के तार, टूटी पेड़ों की डालियों और अन्य बाधाओं को हटाने का निर्देश भी दिया गया है। घाटों पर व्रतियों के ठहरने के लिए यात्री शेड बनाए जाएंगे। 23 सेक्टरों में बांटे गए 92 गंगा घाट तैयारियों को व्यवस्थित करने के लिए 92 गंगा घाटों को 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्यवेक्षी और निगरानी अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अधिकारी एसओपी के अनुसार चल रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे, ताकि पर्व से पहले सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बांकीपुर के 18 घाटों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा छठ की तैयारियों के बीच नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गंगा घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं की टीम के साथ बांकीपुर अंचल के सभी 18 घाटों की स्थिति देखी। इनमें टीएन बनर्जी घाट, वंशीघाट, दरभंगा हाउस घाट, लॉ कॉलेज घाट, रौशन घाट और चौधरी टोला घाट शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई और मरम्मत के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस साल बाढ़ के कारण घाटों पर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गाद जमा हुई है। कई घाटों की सीढ़ियां और पोर्टिको के हिस्से अब भी पानी में डूबे हैं। कुछ जगहों पर सीढ़ियों पर गाद जमने से सफाई और आवागमन में परेशानी हो रही है। नगर आयुक्त ने घाटों की डीप क्लीनिंग कराने के साथ क्षतिग्रस्त सीढ़ियों, पोर्टिको और अन्य हिस्सों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तैयारियों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। जलस्तर घटने पर बढ़ सकती है घाट तक पहुंचने की दूरी नवंबर के मध्य तक गंगा का जलस्तर और नीचे जाने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने संपर्क पथों की स्थिति का पहले से आकलन करने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। छठ महापर्व को लेकर पटना नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नकटा दियारा से दीदारगंज बालू घाट तक 92 गंगा घाटों के अलावा 82 स्थायी और अस्थायी तालाबों, पोखरों व पार्कों में अर्घ्य देने की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ के कारण घाटों पर जमा गाद हटाने, क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत और संपर्क पथों को दुरुस्त करने का काम प्राथमिकता पर है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, रोशनी, शौचालय, चेंजिंग रूम, पार्किंग और यात्री शेड की व्यवस्था भी की जा रही है। तीन चरणों में होगी घाटों की सफाई नगर निगम सभी चिह्नित गंगा घाटों, तालाबों, पोखरों, पार्कों और उनके संपर्क पथों की तीन चरणों में सफाई कराएगा। पहले चरण में दीपावली तक सफाई पूरी करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में 9 से 11 नवंबर तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। दीपावली के बाद घाटों पर पूजन सामग्री से गंदगी फैलने की आशंका को देखते हुए कृत्रिम तालाब और डस्टबिन भी रखे जाएंगे। गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरे चरण में 13 से 16 नवंबर तक घाटों, तालाबों और पार्कों की रोजाना सफाई कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। घाटों पर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग, खतरनाक जगहों की होगी घेराबंदी छठ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गंगा घाटों पर तीन स्तरीय रेलिंग और बैरिकेडिंग की जाएगी। बांस-बल्लों को मजबूत बनाने के लिए क्रॉस बैरिकेडिंग भी की जाएगी। श्रद्धालुओं को रास्तों की जानकारी देने के लिए साइनेज, बैनर और फ्लैक्स लगाए जाएंगे। खतरनाक घाटों को चिह्नित कर वहां चेतावनी संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाएगी। ऐसे स्थानों को लाल कपड़े से घेरकर श्रद्धालुओं को जाने से रोका जाएगा। संपर्क पथों पर खुले बिजली के तार, टूटी पेड़ों की डालियों और अन्य बाधाओं को हटाने का निर्देश भी दिया गया है। घाटों पर व्रतियों के ठहरने के लिए यात्री शेड बनाए जाएंगे। 23 सेक्टरों में बांटे गए 92 गंगा घाट तैयारियों को व्यवस्थित करने के लिए 92 गंगा घाटों को 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्यवेक्षी और निगरानी अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अधिकारी एसओपी के अनुसार चल रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे, ताकि पर्व से पहले सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बांकीपुर के 18 घाटों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा छठ की तैयारियों के बीच नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गंगा घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं की टीम के साथ बांकीपुर अंचल के सभी 18 घाटों की स्थिति देखी। इनमें टीएन बनर्जी घाट, वंशीघाट, दरभंगा हाउस घाट, लॉ कॉलेज घाट, रौशन घाट और चौधरी टोला घाट शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई और मरम्मत के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस साल बाढ़ के कारण घाटों पर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गाद जमा हुई है। कई घाटों की सीढ़ियां और पोर्टिको के हिस्से अब भी पानी में डूबे हैं। कुछ जगहों पर सीढ़ियों पर गाद जमने से सफाई और आवागमन में परेशानी हो रही है। नगर आयुक्त ने घाटों की डीप क्लीनिंग कराने के साथ क्षतिग्रस्त सीढ़ियों, पोर्टिको और अन्य हिस्सों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तैयारियों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। जलस्तर घटने पर बढ़ सकती है घाट तक पहुंचने की दूरी नवंबर के मध्य तक गंगा का जलस्तर और नीचे जाने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने संपर्क पथों की स्थिति का पहले से आकलन करने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।  

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