सबौर प्रखंड की बरारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन बना रहा है। पांच साल से चल रहे निर्माण के बावजूद अब तक इसकी पहली छत की ढलाई भी नहीं हो पाई है। निर्माण की धीमी गति और क्वालिटी को लेकर ग्रामीण नाराज हैं। उन्होंने भागलपुर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से शिकायत कर जांच और एक्शन की मांग की है। यह भवन बहादुरपुर हाईस्कूल के मैदान के पास बन रहा है। पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान ने बताया कि निर्माण शुरू होने के बाद भी इसकी गति बहुत धीमी रही है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार सहयोग किया, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। भवन का निर्माण कैथियानी कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल और क्वालिटी मानकों की अनदेखी का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। विभाग की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। पंचायत चुनाव करीब, भवन अब भी अधूरा पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान ने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के बीच पंचायत सरकार भवन का अधूरा रहना स्थानीय लोगों की नाराजगी बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कामकाज, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए प्रस्तावित भवन का लाभ अब तक नहीं मिल पा रहा है। जिस भवन को ग्रामीणों की सुविधा का केंद्र बनना था, उसी के निर्माण के लिए लोगों को अधिकारियों के दरवाजे पर गुहार लगानी पड़ रही है। डीडीसी से जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने और संबंधित एजेंसी को निर्धारित मानकों के अनुसार काम पूरा कराने का निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि सरकारी राशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके और भवन जल्द तैयार हो। सबौर प्रखंड की बरारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन बना रहा है। पांच साल से चल रहे निर्माण के बावजूद अब तक इसकी पहली छत की ढलाई भी नहीं हो पाई है। निर्माण की धीमी गति और क्वालिटी को लेकर ग्रामीण नाराज हैं। उन्होंने भागलपुर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से शिकायत कर जांच और एक्शन की मांग की है। यह भवन बहादुरपुर हाईस्कूल के मैदान के पास बन रहा है। पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान ने बताया कि निर्माण शुरू होने के बाद भी इसकी गति बहुत धीमी रही है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार सहयोग किया, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। भवन का निर्माण कैथियानी कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल और क्वालिटी मानकों की अनदेखी का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। विभाग की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। पंचायत चुनाव करीब, भवन अब भी अधूरा पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान ने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के बीच पंचायत सरकार भवन का अधूरा रहना स्थानीय लोगों की नाराजगी बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कामकाज, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए प्रस्तावित भवन का लाभ अब तक नहीं मिल पा रहा है। जिस भवन को ग्रामीणों की सुविधा का केंद्र बनना था, उसी के निर्माण के लिए लोगों को अधिकारियों के दरवाजे पर गुहार लगानी पड़ रही है। डीडीसी से जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने और संबंधित एजेंसी को निर्धारित मानकों के अनुसार काम पूरा कराने का निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि सरकारी राशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके और भवन जल्द तैयार हो।

