गाजीपुर में राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक संगठन साहित्य उन्नयन संघ की गाजीपुर इकाई के तत्वावधान में 25 अक्टूबर को प्रीतम नगर कॉलोनी स्थित जिला कार्यालय में शरद पूर्णिमा के अवसर पर काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। संस्थापक अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार चौहान ‘बाग़ी’ की उपस्थिति में हुई गोष्ठी का संयोजन जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार राय ने किया। रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर किया। डॉ. दिलीप कुमार चौहान ‘बाग़ी’ ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए सुनाया, “केवल धोती-लँगोटा धारण कर नहीं बन सकता है कोई गांधी।” आशुतोष सिंह ने ‘जीवन के पाँच मंत्र’ प्रस्तुत किए। अनिल अनिलाभ ‘गाजीपुरी’ ने ‘एहसास चुभन देता है’ सुनाई, जबकि डॉ. रामअवध कुशवाहा ने ‘मैं स्वयं को पढ़ रहा हूँ, स्वयं से ही लड़ रहा हूँ’ कविता प्रस्तुत की। बाल कवयित्री नंदिता सिंह चौहान ने राष्ट्रभक्ति से जुड़ी कविता सुनाई। संगठन के मुख्य संरक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि संगठन की साहित्यिक पत्रिका के प्रकाशन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रमोद कुमार राय ने दिसंबर में मंडल स्तरीय सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार चौहान ‘बाग़ी’ ने किया, जबकि अध्यक्षता डॉ. अजय कुमार सिंह ने की।

