नोएडा हादसे में मृतक नौ लोगों पहचान:मरने वालों तीन इंजीनियर , हाउस वाइफ और नौकरी पेशा लोग शामिल

नोएडा हादसे में मृतक नौ लोगों पहचान:मरने वालों तीन इंजीनियर , हाउस वाइफ और नौकरी पेशा लोग शामिल

नोएडा बस हादसे में मारे गए सभी नौ लोगों की शिनाख्त हो गई। इसमें हमीरपुर के राठ निवासी 52 साल सरोज गुप्ता और बेटा मयंक गुप्ता (28) साल , हरियाणा हिसार निवासी देवेंद्र सहाय भारद्वाज (60) जलौन निवासी हर शरण गुप्ता (55), हमीरपुर के मुस्कारा निवासी ऊषा देवी (65), महोबा निवासी सुनीता गुप्ता (50) और बेटा शशांक गुप्ता और नोएडा निवासी ओमप्रकाश है। जानते है इनके बारे में सुनीता गुप्ता और बेटा शशांक गुप्ता शशांक इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर गुरुग्राम से मां को लेकर महोबा आ रहा था। मां सुनीता गुप्ता करीब एक महीने से गुरुग्राम में बेटे शशांक के पास रह रही थीं। शशांक, गुरुग्राम में ही इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर थे। सुनीता बेटे के यहां रहकर अपने घुटनों के दर्द का इलाज करा रही थीं।
घटना से तीन दिन पहले शशांक के चाचा धीरेंद्र गुप्ता को हार्ट अटैक आ गया था। उन्हें ही देखने के लिए सुनीता और शशांक गुरुग्राम से महोबा आ रहे थे। ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिलने के कारण दोनों राज कल्पना ट्रेवल्स की बस से निकले थे। दोनों बस की पिछली सीट पर बैठे थे। शशांक की पहचान हाथ में पड़ी राड से हुई। सरोज गुप्ता और बेटा मयंक गुप्ता नैंसी और शिवम ने सेक्टर-37 से मां सरोज गुप्ता और मयंक गुप्ता को बस में बैठाया था। दोनों के शवों की पहचान गुरुवार शाम को हो सकी थी। मयंक गुप्ता इंजीनियर था। मां सरोज गुप्ता हाउस वाइफ। वो यहां अपने बच्चों के पास आई थी।
देवेंद्र सहाय भारद्वाज
देवेंद्र साहाय पत्नी रेखा के साथ बस में बैठे थे। इनकी पत्नी रेखा भरद्वाज बच गई। लेकिन इनकी मौत हो गई। बेटा सर्वज्ञ ने पिता की कद काठी से पहचान की। देवेंद्र सहाय भारद्वाज हिसार के एक कॉले में शिक्षक थे। शव बेटे को दिया गया।

हमरीपुर निवासी ऊषा देवी
हमीरपुर के निवासी देवी की पहचान उनके बेटे ने पैर में बंधी पायल से की। ऊषा देवी दिल्ली में अपने परिजनों से मिलने आई थी। वहीं से परिजनों ने उनको बस में बैठाया था।

जलौन निवासी हर शरण गुप्ता (55)
ऊरई के राजेंद्र नगर निवासी हर शरण नोएडा आए थे। वो वापस जा रहे थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। बेटी राधिका बीटेक कर रही है। उसने शव की शिनाख्त की। हर शरण एक निजी कंपनी में नौकरी करते है। श्रुति रावत मध्य प्रदेश निवासी मध्यप्रदेश के छतरपुर निवासी श्रुति रावत इंजीनियर थी। कश्मीरी गेट से बस में बैठी। उसके बाद वापस नहीं लौटी। इनकी पहचान परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में की।

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