झालावाड़ के पीजी कॉलेज में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा शिविर के पांचवें दिन छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम प्राचार्य की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। प्रशिक्षक रचना चौधरी ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में खुद की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के कई तरीके सिखाए। खुद को कमजोर न समझें मुख्य अतिथि डॉ. जी.के. मालवीय ने छात्राओं को खुद को कमजोर नहीं समझने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करने की बात कही। महिला अधिकारों और कानून की जानकारी महिला पुलिसकर्मी पूजा शर्मा ने छात्राओं को महिला उत्पीड़न से जुड़े कानूनी प्रावधानों और धाराओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने की बात कही। आयोजन में इनकी रही भूमिका कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अलका बागला थीं। संचालन डॉ. सुमन खींची ने किया, जबकि मनीषा मीना ने धन्यवाद दिया। इस दौरान रेणु मीणा, सोनू खंडेलवाल, प्रियंका गर्ग और प्रियंका शर्मा सहित कई छात्राएं मौजूद रहीं। निःशुल्क स्वर्ण प्राशन शिविर में 102 बच्चों को कराया स्वर्ण प्राशन झालावाड़ में विकसित सेवा अभियान के तहत राजकीय आयुर्वेद औषधालय खोखंदा धनवास में भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना के साथ निःशुल्क स्वर्ण प्राशन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 16 वर्ष तक की आयु के 102 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक परामर्श दिया गया। आयुर्वेदिक प्रक्रिया की दी जानकारी शिविर का आयोजन वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी एवं प्रभारी डॉ. भूपेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशन में हुआ। डॉ. मीणा ने बताया कि स्वर्ण प्राशन आयुर्वेद की पारंपरिक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देना है। सहयोगियों ने संभाली व्यवस्थाएं शिविर के आयोजन में प्रिंसिपल दामोदर सेन, आंगनबाड़ी एवं आशा सहयोगिनी रुकमणी बाई, इंद्रा बाई तथा नंदकिशोर सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

