दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो गया। पिछले तीन वर्षों में उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय को कई इंटरनेशनल और नेशनल उपलब्धियां मिली। इस दौरान यूनिवर्सिटी ने रैंकिंग, रिसर्च और प्लेसमेंट में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। Nature Index 2024-25 में डीडीयू उत्तर प्रदेश की सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया। पूरे भारत में फिजिकल साइंसेज में इसे 81वीं और ओवरऑल 128वीं रैंक मिली। साथ ही यूनिवर्सिटी ने पहली बार वैश्विक रैंकिंग में धाक जमाते हुए ‘जीरो हंगर’ (Zero Hunger) और ‘क्लीन एनर्जी’ (Clean Energy) जैसी सामाजिक कैटेगरी में दुनिया के टॉप 500 संस्थानों में जगह बनाई। वहीं गवर्नेंस और साख के मामले में देश में 7वां स्थान हासिल किया। इसके अलावा डीडीयू ने अपनी रैंकिंग में 50 अंकों का जबरदस्त सुधार करते हुए QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में एशिया के 751-800 बैंड में स्थान बनाया और साउदर्न एशिया में 240वां स्थान हासिल किया। वहीं एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया और NIRF रैंकिंग में भी बेहतरीन जगह बनाई। यूपी का पहला ‘ड्यूअल एमबीए’ प्रोग्राम शुरू किया
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों को एक्सपोजर देने के लिए मलेशियाई संस्थान के साथ मिलकर राज्य का पहला ड्यूअल एमबीए प्रोग्राम शुरू किया गया। इसके तहत छात्रों को देश के साथ-साथ विदेश में भी पढ़ने और ट्रेनिंग का मौका मिला। जॉब ओरिएंटेड कोर्सेज की शुरुआत
इसके अलावा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में इंडस्ट्री की मांग के अनुसार लॉजिस्टिक्स, रिटेल मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट में नए बीबीए (BBA) और एमबीए (MBA) स्पेशलाइजेशन की शुरुआत की गई। साथ ही कैंपस में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एआई (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे स्किल-बेस्ड कोर्सेज को प्राथमिकता दी गई। कैंपस में रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रो. टंडन ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। जिसमें साल में दो बार पीएचडी प्रवेश, पार्ट-टाइम पीएचडी और नया पीएचडी ड्राफ्ट जैसे योजनाओं की शुरुआत की गई। यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड्स की शुरुआत
शोध को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ने हर साल अपने सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ताओं को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज एक्सीलेंस अवार्ड्स से सम्मानित करना शुरू किया। पत्रकारिता में पीएचडी प्रोग्राम को मंजूरी दी गई
पत्रकारिता विभाग में छात्रों के शानदार यूजीसी-नेट (UGC-NET) प्रदर्शन के बाद पत्रकारिता में पीएचडी प्रोग्राम को मंजूरी दी गई। सांख्यिकी (Statistics) के टॉपर छात्रों के लिए ‘फ्रीडम फ्रॉम पॉवर्टी ट्रस्ट’ (FFPT) के साथ एक विशेष समझौता (MoU) कर नए मेडल और स्कॉलरशिप की शुरुआत की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी दिया ध्यान
उनके कार्यकाल में कैंपस के अंदर बुनियादी ढांचे, आधुनिक सुविधाओं और छात्रों के कल्याण के लिए पिछले तीन वर्षों में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने डिजिटल क्रांति से लेकर हॉस्टल्स और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के कायाकल्प तक पर करोड़ों रुपये का निवेश किया है। जिसमें अत्याधुनिक लैब्स और एकेडमिक्स बिल्डिंग्स का आधुनिकीकरण, दीक्षा भवन और संवाद भवन का अपग्रेडेशन फैकल्टी ऑफ लॉ (Law Building) और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के लिए नए उन्नत भवनों का विकास, हॉस्टल्स और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का कायाकल्प के लिए ₹11.80 करोड़ का भारी बजट पास कराना शामिल है। हाईटेक नर्सरी विकसित की गई
ग्रीन कैंपस, सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने और कृषि अनुसंधान (Agricultural Research) के लिए कैंपस के भीतर एक अत्याधुनिक हाई-टेक नर्सरी विकसित की गई है। IMFC की स्थापना का फैसला लिया
प्रो. पूनम टंडन के कार्यकाल के दौरान, मीडिया और फिल्म जगत की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाए। जून 2026 में, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर कैंपस में एक अलग ‘इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया, फिल्म एंड मास कम्युनिकेशन’ (IMFC) की स्थापना का ऐतिहासिक फैसला लिया। अभी तक यह केवल एक विभाग के रूप में चल रहा था। लेकिन अब इसे एक पूर्ण स्वायत्त संस्थान का दर्जा दिया गया है, ताकि छात्रों को मीडिया जगत की आधुनिकतम तकनीकों से जोड़ा जा सके। यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रोफेसर, प्रो. हर्ष सिन्हा को इस नए संस्थान का पहला डायरेक्स्टर नियुक्त किया गया है। NCC और कर्नल कमांडेंट का सम्मान मिला
कैंपस में एनसीसी (NCC) और अनुशासित माहौल को मजबूत करने के योगदान के लिए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने प्रो. पूनम टंडन को ‘कर्नल कमांडेंट’ की मानद उपाधि से नवाजा। यह सम्मान पाने वाली वह यूपी की चुनिंदा महिला कुलपतियों में से एक बनीं।

