नालंदा के लहेरी थाना क्षेत्र के नाला रोड में आयोजित डिज्नीलैंड मेले का ढांचा समेटने के दौरान सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगे ‘आसमान तारा’ और ‘ब्रेक डांस’ झूले का भारी लोहे का ढांचा ट्रक पर लोड करते समय अचानक नीचे गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर 36 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के देवधा गांव निवासी स्वर्गीय बिरजू यादव के पुत्र विपिन यादव के रूप में हुई है। ओवरटाइम के दबाव और लापरवाही ने ली जान प्रत्यक्षदर्शियों व साथ काम कर रहे देवधा गांव के साथी मजदूर जयकरण प्रसाद और प्रीतम कुमार ने बताया कि नाला रोड में दशहरा के समय से डिज्नीलैंड मेला लगा हुआ था। मेला समाप्त होने के बाद झूले खोलने और सामान ट्रक पर लादने के लिए देवधा गांव से चार मजदूर काम कर रहे थे। शाम में जब काम का निर्धारित समय पूरा हो गया, तो मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान कर घर जाने की बात कही। साथी मजदूर बोले- जबरन दबाव बनाकर काम कराया जा रहा था साथी मजदूरों का गंभीर आरोप है कि मेला संचालक आशीष व उदय ने पैसे देने से मना कर दिया और जबरन दबाव बनाकर कहा कि कुछ और भारी सामान ट्रक पर चढ़ाकर ही जा सकते हो। शाम करीब 6:15 से 6:20 बजे के बीच जब विपिन और उपेंद्र यादव झूले का भारी लोहे का पार्ट्स ट्रक पर चढ़ा रहे थे, तभी ऊपर से अचानक माल हाथ से छूट गया और सीधे विपिन के चेहरे व छाती पर आ गिरा। लोहे की भारी चादर व पाइप चेहरे और नाक पर गिरने से भारी रक्तस्राव हुआ और विपिन ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। तीन मासूमों के सिर से उठा साया, घर में अब कोई कमाने वाला नहीं विपिन की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पारिवारिक स्थिति बेहद दयनीय है। विपिन की पत्नी वर्षों पहले ही परिवार को छोड़कर जा चुकी थी, जिसके बाद विपिन मजदूरी कर अकेले ही अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था। अब उसके असमय निधन से तीन मासूम, बड़ा बेटा (13) सिद्धार्थ कुमार, बेटी (11) खुशी कुमारी और छोटा बेटा (07) विनोद कुमार अनाथ और बेसहारा हो गए हैं। परिवार में एक बुजुर्ग दादा जीवित हैं, जो वृद्धावस्था और अस्वस्थता के कारण कोई काम करने में असमर्थ हैं। मेला संचालक पर कार्रवाई और मुआवजे की गुहार हादसे की खबर मिलते ही मृतक के चाचा महेश यादव व अन्य परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने मेला संचालकों की मनमानी, जबरन काम कराने की प्रवृत्ति और लापरवाही को इस दर्दनाक घटना का जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और इन बेसहारा अनाथ बच्चों के भरण-पोषण व भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार से अविलंब उचित मुआवजे की मांग की है। लहेरी थाना अध्यक्ष अनिल कुमार पांडे ने बताया कि आवेदन मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। नालंदा के लहेरी थाना क्षेत्र के नाला रोड में आयोजित डिज्नीलैंड मेले का ढांचा समेटने के दौरान सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगे ‘आसमान तारा’ और ‘ब्रेक डांस’ झूले का भारी लोहे का ढांचा ट्रक पर लोड करते समय अचानक नीचे गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर 36 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के देवधा गांव निवासी स्वर्गीय बिरजू यादव के पुत्र विपिन यादव के रूप में हुई है। ओवरटाइम के दबाव और लापरवाही ने ली जान प्रत्यक्षदर्शियों व साथ काम कर रहे देवधा गांव के साथी मजदूर जयकरण प्रसाद और प्रीतम कुमार ने बताया कि नाला रोड में दशहरा के समय से डिज्नीलैंड मेला लगा हुआ था। मेला समाप्त होने के बाद झूले खोलने और सामान ट्रक पर लादने के लिए देवधा गांव से चार मजदूर काम कर रहे थे। शाम में जब काम का निर्धारित समय पूरा हो गया, तो मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान कर घर जाने की बात कही। साथी मजदूर बोले- जबरन दबाव बनाकर काम कराया जा रहा था साथी मजदूरों का गंभीर आरोप है कि मेला संचालक आशीष व उदय ने पैसे देने से मना कर दिया और जबरन दबाव बनाकर कहा कि कुछ और भारी सामान ट्रक पर चढ़ाकर ही जा सकते हो। शाम करीब 6:15 से 6:20 बजे के बीच जब विपिन और उपेंद्र यादव झूले का भारी लोहे का पार्ट्स ट्रक पर चढ़ा रहे थे, तभी ऊपर से अचानक माल हाथ से छूट गया और सीधे विपिन के चेहरे व छाती पर आ गिरा। लोहे की भारी चादर व पाइप चेहरे और नाक पर गिरने से भारी रक्तस्राव हुआ और विपिन ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। तीन मासूमों के सिर से उठा साया, घर में अब कोई कमाने वाला नहीं विपिन की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पारिवारिक स्थिति बेहद दयनीय है। विपिन की पत्नी वर्षों पहले ही परिवार को छोड़कर जा चुकी थी, जिसके बाद विपिन मजदूरी कर अकेले ही अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था। अब उसके असमय निधन से तीन मासूम, बड़ा बेटा (13) सिद्धार्थ कुमार, बेटी (11) खुशी कुमारी और छोटा बेटा (07) विनोद कुमार अनाथ और बेसहारा हो गए हैं। परिवार में एक बुजुर्ग दादा जीवित हैं, जो वृद्धावस्था और अस्वस्थता के कारण कोई काम करने में असमर्थ हैं। मेला संचालक पर कार्रवाई और मुआवजे की गुहार हादसे की खबर मिलते ही मृतक के चाचा महेश यादव व अन्य परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने मेला संचालकों की मनमानी, जबरन काम कराने की प्रवृत्ति और लापरवाही को इस दर्दनाक घटना का जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और इन बेसहारा अनाथ बच्चों के भरण-पोषण व भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार से अविलंब उचित मुआवजे की मांग की है। लहेरी थाना अध्यक्ष अनिल कुमार पांडे ने बताया कि आवेदन मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।

