नालंदा के 50 मुखिया ओडिशा की मॉडल ग्राम पंचायतों का विकास मॉडल समझने के लिए एक विशेष स्टडी टूर पर जाने वाले हैं। अपने 3 दिवसीय भ्रमण के दौरान ये सभी मुखिया ओडिशा के मयूरभंज और गंजाम जिलों की पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का अवलोकन करेंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्य वहां सफलतापूर्वक लागू की गई योजनाओं, पंचायत प्रबंधन और जनभागीदारी के बेहतरीन मॉडल को समझना है, ताकि भविष्य में उन सफल प्रयोगों को नालंदा जिले की पंचायतों में भी लागू करने की ठोस संभावनाएं तलाशी जा सकें। विभागीय अधिकारियों की देखरेख में जाएंगे मुखिया बिहार पंचायती राज विभाग के परियोजना निदेशक नवीन कुमार सिंह ने जिला प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र भेजकर चयनित मुखियाओं को इस स्टडी टूर पर भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। जिला पंचायत संसाधन केंद्र के प्रकाश कुमार के अनुसार, इस टूर के लिए मुखियाओं का चयन पूरी तरह से उनकी स्वेच्छा और उनकी ओर से पंचायतों में किए गए कार्यों के आधार पर किया गया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सभी चयनित मुखिया 18 अगस्त को पटना पहुंचेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की देखरेख और मार्गदर्शन में उन्हें ओडिशा के लिए रवाना किया जाएगा।
योजनाओं के क्रियान्वयन को समझने का मिलेगा मौका इस स्टडी टूर का उद्देश्य केवल योजनाओं का सामान्य भ्रमण करना नहीं है, बल्कि पंचायतों में विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन की जमीनी प्रक्रिया को गहराई से समझना है। जिले के मुखिया मयूरभंज और गंजाम की पंचायतों में चल रही विकास योजनाओं, पंचायत के सुचारू संचालन और वहां उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल का अध्ययन करेंगे। दौरे से लौटने के बाद वहां के बेहतर और सफल प्रयोगों को नालंदा जिले की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्टडी टूर में ये मुखिया हैं शामिल इस तीन दिवसीय विशेष टूर पर जाने वाले 50 मुखियाओं में अकौना से अभय सिंह, नोहसा से बिनोद कुमार, बेन से अस्मिता कुमारी, बियावानी से प्रमोद यादव, तिउरी से रुक्मिणी कुमारी, परोहा से माधुरी देवी, बढ़ौना से अशोक शर्मा, महकार से कुमार अजय सिन्हा, माधोपुर से आत्माराम, हनसी से भरत भूषण सिंह, तुलसीगढ़ से मणिकांत मनीष, चंधारी से विद्या देवी, इचहोस से योगेश्वर सिंह, डियावां से अंजलि सिंह, मकरौता से सत्येंद्र कुमार, मखदूमपुर से दिनेश चौधरी, कटौना से शशिभूषण कुमार और कतरी से रामजी पासवान शामिल हैं। इनके अलावा बिलारी से हिमांशु कुमार पासवान, राममपुर से शिवशंकर कुमार, गोराईपुर से पुष्पा कुमारी, अरियावां से रुदल प्रसाद, कछियावां से उषा सिन्हा, दामोदरपुर बलधा से ललिता देवी, पपरनौसा से अमरेंद्र कुमार, निरपुर से अश्विनी कुमार वर्मा, डोईया से रवि राम, शिवनगर से अशोक साव, चौसंडा से मनोज प्रसाद और मई फरीदा से धर्मेंद्र कुमार को भी इस दौरे पर भेजा जा रहा है। वहीं, गोरौर से संतोष कुमार दिवाकर, नानंद से अरुण कुमार सिन्हा, पावाडीह से महेश प्रसाद, करियन्ना से राजकुमार प्रसाद, जैतीपुर से सुनील चौधरी, कचहरिया से सत्येंद्र प्रसाद यादव, अमेरा से लाखो देवी, बाराखुर्द से शोभा देवी, अमावां से प्रशांत कुमार, लोदीपुर से वंदना सिन्हा, कावा से ममता देवी, मंडाछ से मंजू देवी, मेयार से वीणा देवी, तेल्हाड़ा से प्रतिमा देवी, नेहुसा से मंजूषा कुमारी, ममुराबाद से श्यामपति देवी, दरूआरा से मणिशंकर गुप्ता, घोस्तावां से कांति देवी और भुतहाखार से निरजा कुमारी भी इस प्रतिनिधिमंडल का अहम हिस्सा हैं। नालंदा के 50 मुखिया ओडिशा की मॉडल ग्राम पंचायतों का विकास मॉडल समझने के लिए एक विशेष स्टडी टूर पर जाने वाले हैं। अपने 3 दिवसीय भ्रमण के दौरान ये सभी मुखिया ओडिशा के मयूरभंज और गंजाम जिलों की पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का अवलोकन करेंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्य वहां सफलतापूर्वक लागू की गई योजनाओं, पंचायत प्रबंधन और जनभागीदारी के बेहतरीन मॉडल को समझना है, ताकि भविष्य में उन सफल प्रयोगों को नालंदा जिले की पंचायतों में भी लागू करने की ठोस संभावनाएं तलाशी जा सकें। विभागीय अधिकारियों की देखरेख में जाएंगे मुखिया बिहार पंचायती राज विभाग के परियोजना निदेशक नवीन कुमार सिंह ने जिला प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र भेजकर चयनित मुखियाओं को इस स्टडी टूर पर भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। जिला पंचायत संसाधन केंद्र के प्रकाश कुमार के अनुसार, इस टूर के लिए मुखियाओं का चयन पूरी तरह से उनकी स्वेच्छा और उनकी ओर से पंचायतों में किए गए कार्यों के आधार पर किया गया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सभी चयनित मुखिया 18 अगस्त को पटना पहुंचेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की देखरेख और मार्गदर्शन में उन्हें ओडिशा के लिए रवाना किया जाएगा।
योजनाओं के क्रियान्वयन को समझने का मिलेगा मौका इस स्टडी टूर का उद्देश्य केवल योजनाओं का सामान्य भ्रमण करना नहीं है, बल्कि पंचायतों में विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन की जमीनी प्रक्रिया को गहराई से समझना है। जिले के मुखिया मयूरभंज और गंजाम की पंचायतों में चल रही विकास योजनाओं, पंचायत के सुचारू संचालन और वहां उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल का अध्ययन करेंगे। दौरे से लौटने के बाद वहां के बेहतर और सफल प्रयोगों को नालंदा जिले की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्टडी टूर में ये मुखिया हैं शामिल इस तीन दिवसीय विशेष टूर पर जाने वाले 50 मुखियाओं में अकौना से अभय सिंह, नोहसा से बिनोद कुमार, बेन से अस्मिता कुमारी, बियावानी से प्रमोद यादव, तिउरी से रुक्मिणी कुमारी, परोहा से माधुरी देवी, बढ़ौना से अशोक शर्मा, महकार से कुमार अजय सिन्हा, माधोपुर से आत्माराम, हनसी से भरत भूषण सिंह, तुलसीगढ़ से मणिकांत मनीष, चंधारी से विद्या देवी, इचहोस से योगेश्वर सिंह, डियावां से अंजलि सिंह, मकरौता से सत्येंद्र कुमार, मखदूमपुर से दिनेश चौधरी, कटौना से शशिभूषण कुमार और कतरी से रामजी पासवान शामिल हैं। इनके अलावा बिलारी से हिमांशु कुमार पासवान, राममपुर से शिवशंकर कुमार, गोराईपुर से पुष्पा कुमारी, अरियावां से रुदल प्रसाद, कछियावां से उषा सिन्हा, दामोदरपुर बलधा से ललिता देवी, पपरनौसा से अमरेंद्र कुमार, निरपुर से अश्विनी कुमार वर्मा, डोईया से रवि राम, शिवनगर से अशोक साव, चौसंडा से मनोज प्रसाद और मई फरीदा से धर्मेंद्र कुमार को भी इस दौरे पर भेजा जा रहा है। वहीं, गोरौर से संतोष कुमार दिवाकर, नानंद से अरुण कुमार सिन्हा, पावाडीह से महेश प्रसाद, करियन्ना से राजकुमार प्रसाद, जैतीपुर से सुनील चौधरी, कचहरिया से सत्येंद्र प्रसाद यादव, अमेरा से लाखो देवी, बाराखुर्द से शोभा देवी, अमावां से प्रशांत कुमार, लोदीपुर से वंदना सिन्हा, कावा से ममता देवी, मंडाछ से मंजू देवी, मेयार से वीणा देवी, तेल्हाड़ा से प्रतिमा देवी, नेहुसा से मंजूषा कुमारी, ममुराबाद से श्यामपति देवी, दरूआरा से मणिशंकर गुप्ता, घोस्तावां से कांति देवी और भुतहाखार से निरजा कुमारी भी इस प्रतिनिधिमंडल का अहम हिस्सा हैं।

