सब्सिडी दर पर आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने की आस लगाए बैठे जिले के अन्नदाताओं के लिए अच्छी खबर है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य मुख्यालय की ओर से पहली बार केंद्रीकृत लॉटरी प्रणाली अपनाते हुए नालंदा जिले के 1090 किसानों का अंतिम रूप से चयन कर लिया गया है। इस योजना के जरिए जिले के किसानों को लगभग 3.76 करोड़ रुपए के विभिन्न कृषि उपकरण खरीदने का अवसर मिलेगा। कृषि विभाग ने चयनित किसानों को परमिट जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लाभुकों को आगामी 10 नवंबर तक विभाग की ओर से अधिकृत दुकानों से अपनी पसंद के कृषि यंत्र अनिवार्य रूप से खरीदने होंगे, जिन पर सरकार 40 से लेकर 80 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दे रही है। 2760 में से 1090 किसानों की चमकी किस्मत योजना का लाभ लेने के लिए जिलेभर से 3503 किसानों ने पंजीकरण कराया था। विभागीय जांच और छंटनी के बाद 2760 आवेदनों को लॉटरी में शामिल किया गया। पटना मुख्यालय स्तर से पारदर्शी व्यवस्था के तहत निकाली गई इस लॉटरी में 1090 किसानों का भाग्य खुला, जबकि शेष 1670 आवेदकों को अगली लॉटरी तक प्रतीक्षा करनी होगी। चयनित किसानों में सामान्य वर्ग के 887 किसानों को 286.20 लाख रुपये, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 89 किसानों को 46 लाख रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग के 114 किसानों को 44.41 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। किराए पर उपकरण मुहैया कराने के लिए खुलेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर जिले के छोटे और सीमांत किसानों को कम खर्च पर जुताई, बुआई और कटाई से जुड़ी महंगी मशीनें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 17 नए कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। इसके तहत बीस लाख रुपये की लागत वाले स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए सात किसानों का चयन किया गया है, जिनमें छह सामान्य और एक अनुसूचित जाति के किसान शामिल हैं। वहीं दस लाख रुपये की लागत वाले कृषि यंत्र बैंक के लिए नौ किसानों का चयन हुआ है, जिसमें सात सामान्य और दो अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। इसके अलावा एक समूह को फार्म मशीनरी बैंक के संचालन का जिम्मा सौंपा गया है। समय सीमा में यंत्र खरीदना अनिवार्य कृषि अभियंत्रण के उप निदेशक अभिमन्यु कुमार ने बताया कि मुख्यालय से लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी चयनित किसानों को विधिवत अनुमति पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयनित किसानों को निर्धारित समय सीमा यानी 10 नवंबर तक हर हाल में निबंधित प्रतिष्ठानों से अपने कृषि यंत्रों की खरीद सुनिश्चित करनी होगी, ताकि अनुदान की राशि का त्वरित भुगतान किया जा सके। सब्सिडी दर पर आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने की आस लगाए बैठे जिले के अन्नदाताओं के लिए अच्छी खबर है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य मुख्यालय की ओर से पहली बार केंद्रीकृत लॉटरी प्रणाली अपनाते हुए नालंदा जिले के 1090 किसानों का अंतिम रूप से चयन कर लिया गया है। इस योजना के जरिए जिले के किसानों को लगभग 3.76 करोड़ रुपए के विभिन्न कृषि उपकरण खरीदने का अवसर मिलेगा। कृषि विभाग ने चयनित किसानों को परमिट जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लाभुकों को आगामी 10 नवंबर तक विभाग की ओर से अधिकृत दुकानों से अपनी पसंद के कृषि यंत्र अनिवार्य रूप से खरीदने होंगे, जिन पर सरकार 40 से लेकर 80 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दे रही है। 2760 में से 1090 किसानों की चमकी किस्मत योजना का लाभ लेने के लिए जिलेभर से 3503 किसानों ने पंजीकरण कराया था। विभागीय जांच और छंटनी के बाद 2760 आवेदनों को लॉटरी में शामिल किया गया। पटना मुख्यालय स्तर से पारदर्शी व्यवस्था के तहत निकाली गई इस लॉटरी में 1090 किसानों का भाग्य खुला, जबकि शेष 1670 आवेदकों को अगली लॉटरी तक प्रतीक्षा करनी होगी। चयनित किसानों में सामान्य वर्ग के 887 किसानों को 286.20 लाख रुपये, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 89 किसानों को 46 लाख रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग के 114 किसानों को 44.41 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। किराए पर उपकरण मुहैया कराने के लिए खुलेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर जिले के छोटे और सीमांत किसानों को कम खर्च पर जुताई, बुआई और कटाई से जुड़ी महंगी मशीनें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 17 नए कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। इसके तहत बीस लाख रुपये की लागत वाले स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए सात किसानों का चयन किया गया है, जिनमें छह सामान्य और एक अनुसूचित जाति के किसान शामिल हैं। वहीं दस लाख रुपये की लागत वाले कृषि यंत्र बैंक के लिए नौ किसानों का चयन हुआ है, जिसमें सात सामान्य और दो अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। इसके अलावा एक समूह को फार्म मशीनरी बैंक के संचालन का जिम्मा सौंपा गया है। समय सीमा में यंत्र खरीदना अनिवार्य कृषि अभियंत्रण के उप निदेशक अभिमन्यु कुमार ने बताया कि मुख्यालय से लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी चयनित किसानों को विधिवत अनुमति पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयनित किसानों को निर्धारित समय सीमा यानी 10 नवंबर तक हर हाल में निबंधित प्रतिष्ठानों से अपने कृषि यंत्रों की खरीद सुनिश्चित करनी होगी, ताकि अनुदान की राशि का त्वरित भुगतान किया जा सके।

