गयाजी में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में आयोजित पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर भी बात की। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए और एनडीए को मिले समर्थन का जिक्र किया। डॉ. प्रेम कुमार ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में हुए चुनावों में कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नतीजों से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का आकलन किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा को आठ और समाजवादी पार्टी को तीन सीटें मिलने की बात कही। बिहार के परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पांच सीटें एनडीए, तीन विपक्ष और दो निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलीं। इन परिणामों को लेकर उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का जनाधार कमजोर हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा
राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के योगदान की सराहना की। जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत करजरा स्थित इस संस्थान में पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा, पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
महाविद्यालय की स्थापना 1978 में हुई थी। यहां से शिक्षा प्राप्त कर बड़ी संख्या में विद्यार्थी देश के विभिन्न राज्यों में आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों के योगदान को इसकी शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। आयुर्वेद और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से आयुष मंत्रालय की स्थापना और गुजरात के जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने से इनके महत्व को व्यापक पहचान मिल सकती है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सकों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। गयाजी में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में आयोजित पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर भी बात की। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए और एनडीए को मिले समर्थन का जिक्र किया। डॉ. प्रेम कुमार ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में हुए चुनावों में कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नतीजों से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का आकलन किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा को आठ और समाजवादी पार्टी को तीन सीटें मिलने की बात कही। बिहार के परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पांच सीटें एनडीए, तीन विपक्ष और दो निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलीं। इन परिणामों को लेकर उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का जनाधार कमजोर हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा
राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के योगदान की सराहना की। जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत करजरा स्थित इस संस्थान में पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा, पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
महाविद्यालय की स्थापना 1978 में हुई थी। यहां से शिक्षा प्राप्त कर बड़ी संख्या में विद्यार्थी देश के विभिन्न राज्यों में आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों के योगदान को इसकी शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। आयुर्वेद और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से आयुष मंत्रालय की स्थापना और गुजरात के जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने से इनके महत्व को व्यापक पहचान मिल सकती है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सकों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

