Onycholysis Symptoms: कई बार ऐसा होता है कि हमारा नाखून अपनी नॉर्मल गुलाबी जगह से हटकर नीचे की उंगली की स्किन से छूटने या अलग होने लगता है। इस दिक्कत को मेडिकल भाषा में ओनिकोलिसिस कहते हैं। होता यह है कि नाखून और उंगली की त्वचा के बीच थोड़ी सी जगह खाली हो जाती है। उस खाली गैप में हवा, पानी या हल्की धूल-मिट्टी चली जाती है, जिसकी वजह से नाखून का वो हिस्सा सफेद, पीला या कभी-कभी हल्का हरा दिखने लगता है। यह परेशानी सिर्फ हाथों के साथ-साथ पैरों के नाखूनों में भी हो सकती है। शुरुआत में इसमें कोई खास दर्द नहीं होता, इसलिए ज्यादातर लोग इसे देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो उस खाली जगह में नमी की वजह से फंगस या इन्फेक्शन फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इसके कारण और बचाव के क्या उपाय हैं?
कैसे पहचानें कि नाखून उखड़ रहा है?
- रंग में बदलाव दिखने लगता है।
- शुरुआत में दर्द नहीं होता, क्योंकि स्किन से कनेक्शन टूट चुका होता है।
- नाखून का अगला या साइड का हिस्सा अपनी जगह छोड़कर ऊपर उठने लगता है।
- नाखून का रंग पीला, हरा या काला पड़ सकता है।
नाखून त्वचा से अलग क्यों होने लगते हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसके पीछे कई अंदरूनी और बाहरी कारण हो सकते हैं;
- चोट लगना या दबाव- अगर नाखून पर कोई भारी चीज गिर जाए, या आप बार-बार उंगली से किसी चीज को खुरचते हैं, तो वह उखड़ने लगता है। टाइट जूते पहनने से पैरों के अंगूठे में भी यह दिक्कत आम है।
- पानी और कैमिकल्स का ज्यादा इस्तेमाल- जो लोग घंटों पानी में काम करते हैं (जैसे बर्तन धोना या कपड़े धोना) या फिर पार्लर जाकर नेल एक्सटेंशन, हार्श नेल पॉलिश और एक्रिलिक नेल्स लगवाते हैं, उनके नाखून कमजोर होकर उखड़ने लगते हैं।
- फंगस या बैक्टीरिया का हमला- नाखून और स्किन के बीच नमी फंसी रहने से वहां फंगस पनपने लगती है, जो इस गैप को और बढ़ा देती है।
- थायराइड- शरीर में थायराइड का लेवल असंतुलन होना (चाਹੇ वह कम हो या ज्यादा) सीधा नाखूनों की सेहत पर असर डालता है।
- सोरायसिस और एक्जिमा- त्वचा की ये पुरानी समस्याएं नेल बेड को कमजोर कर देती हैं, जिससे नाखून अपनी पकड़ खो बैठते हैं।
- विटामिन्स की कमी- शरीर में आयरन, जिंक या बायोटीन की कमी होने पर नाखून कमजोर होकर परत की तरह टूटने और उखड़ने लगते हैं।
इससे बचाव और घर पर रखने वाली सावधानियां
डर्मनेट के अनुसार, कोशिश करें कि आपके नाखून ज्यादा देर तक पानी में न डूबे रहें। घर का कोई भी गीला काम करते वक्त हाथों में ग्लव्स पहनें। जो हिस्सा स्किन से अलग हो चुका है, उसे नेल क्लिपर से काटते रहें ताकि वह किसी कपड़े में फंसकर और ज्यादा न फटे। एसीटोन वाले रिमूवर और नकली नेल्स का इस्तेमाल बंद कर दें। नाखूनों और क्यूटिकल्स पर हल्का सा नारियल या बादाम का तेल लगाएं ताकि वे सूखे और बेजान न हों।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
अगर आपके एक से ज्यादा नाखूनों में यह दिक्कत तेजी से फैल रही है, या फिर नाखून के आसपास पस (मवाद), सूजन और तेज दर्द शुरू हो गया है, तो घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत किसी अच्छे स्किन डॉक्टर (डर्मेटोलॉजिस्ट) को दिखाएं।

