नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में आजादी के दशकों बाद भी पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। पिपरा, डेलुआ, मुहावरा और शेखूपुर जैसे कई गांवों के लोग गोविंदपुर बाजार जाने के लिए प्रतिदिन सकरी नदी को पार करते हैं। बारिश के बाद नदी में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे यह आवागमन और भी खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है, क्योंकि उनके पास गोविंदपुर बाजार जाने का कोई अन्य सीधा रास्ता नहीं है। 600 मीटर लंबा पुल निर्माणाधीन बच्चे और बड़े, सभी डर-डर कर नदी पार करते हैं। बाइक चालक भी अपनी जान जोखिम में डालकर बहते पानी में बाइक को निकालते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी नदी पार करते समय कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस खतरनाक आवागमन पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि, गोविंदपुर प्रखंड में सकरी नदी पर महावरा घाट पर एक 600 मीटर लंबा पुल निर्माणाधीन है। यह पुल अक्टूबर 2025 में बनना शुरू हुआ है और लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह पुल वर्ष 2028 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। नदी के रास्ते शॉर्टकट अपनाते ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन पुल उनके गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर है और अभी तक पूरा नहीं हुआ है। वैकल्पिक मार्ग के रूप में झारखंड होकर जाने पर प्रति व्यक्ति 200 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है, जो अक्सर खरीदे जाने वाले सामान की कीमत से भी अधिक होता है। इसी कारण लोग पैसे बचाने और समय बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते शॉर्टकट अपनाते हैं। स्थानीय प्रशासन को इस आवागमन की जानकारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में आजादी के दशकों बाद भी पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। पिपरा, डेलुआ, मुहावरा और शेखूपुर जैसे कई गांवों के लोग गोविंदपुर बाजार जाने के लिए प्रतिदिन सकरी नदी को पार करते हैं। बारिश के बाद नदी में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे यह आवागमन और भी खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है, क्योंकि उनके पास गोविंदपुर बाजार जाने का कोई अन्य सीधा रास्ता नहीं है। 600 मीटर लंबा पुल निर्माणाधीन बच्चे और बड़े, सभी डर-डर कर नदी पार करते हैं। बाइक चालक भी अपनी जान जोखिम में डालकर बहते पानी में बाइक को निकालते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी नदी पार करते समय कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस खतरनाक आवागमन पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि, गोविंदपुर प्रखंड में सकरी नदी पर महावरा घाट पर एक 600 मीटर लंबा पुल निर्माणाधीन है। यह पुल अक्टूबर 2025 में बनना शुरू हुआ है और लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह पुल वर्ष 2028 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। नदी के रास्ते शॉर्टकट अपनाते ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन पुल उनके गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर है और अभी तक पूरा नहीं हुआ है। वैकल्पिक मार्ग के रूप में झारखंड होकर जाने पर प्रति व्यक्ति 200 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है, जो अक्सर खरीदे जाने वाले सामान की कीमत से भी अधिक होता है। इसी कारण लोग पैसे बचाने और समय बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते शॉर्टकट अपनाते हैं। स्थानीय प्रशासन को इस आवागमन की जानकारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

