नवरात्र में ट्रैफिक संभालेंगे 200 जवान, 5 पेट्रोलिंग-गाड़ियां रहेंगी तैनात:गायत्री मंदिर से बस स्टैंड तक नो व्हीकल जोन, 3 जगह पार्किंग, पुल टूटने से एक ही मार्ग पर दबाव बढ़ा

नवरात्र में ट्रैफिक संभालेंगे 200 जवान, 5 पेट्रोलिंग-गाड़ियां रहेंगी तैनात:गायत्री मंदिर से बस स्टैंड तक नो व्हीकल जोन, 3 जगह पार्किंग, पुल टूटने से एक ही मार्ग पर दबाव बढ़ा

11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है। मां दंतेश्वरी मंदिर में तैयारियां चल रही हैं। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। पिछले साल आई बाढ़ में बाईपास पुल टूटने से यह मार्ग बंद है। ऐसे में भारी वाहन, यात्री बसें, अन्य गाड़ियां और पैदल श्रद्धालु एक ही मुख्य सड़क से आवाजाही करेंगे। इससे नवरात्र के दौरान सड़क पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने करीब 150 से 200 जवानों की तैनाती, 5 पेट्रोलिंग गाड़ियों और जिला मुख्यालय में 3 अलग-अलग जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की है। गायत्री मंदिर चौक से बस स्टैंड तक के हिस्से को नो व्हीकल जोन बनाया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ के हिसाब से वन-वे व्यवस्था भी लागू की जा सकती है। ट्रैफिक व्यवस्था, भारी वाहनों की आवाजाही और पार्किंग को लेकर दैनिक भास्कर ने ट्रैफिक DSP नसर सिद्दीकी से बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल- बाईपास पुल टूट चुका है और वह मार्ग बंद है। अब एक ही सड़क से भारी वाहन, बसें, दूसरे वाहन और पैदल श्रद्धालु गुजरेंगे। ऐसे में ट्रैफिक कैसे मैनेज करेंगे? जवाब- बाईपास पुलिया टूट जाने की वजह से हमारे पास अभी वैकल्पिक मार्ग नहीं है। इस वजह से हम ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी कर रहे हैं। अधिकतम तीन शिफ्ट में ट्रैफिक जवानों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उप अधीक्षक से लेकर कांस्टेबल तक करीब 150 से 200 जवान तैनात रहेंगे। भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के संबंध में भी विचार किया जा रहा है। ट्रैफिक नियमों के तहत पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में आदेश जारी करने का अधिकार है। हम कोशिश कर रहे हैं कि नवरात्र के दौरान ट्रैफिक का दबाव नियंत्रित रहे और श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो। सवाल- पार्किंग की क्या व्यवस्था रहेगी? लोग अक्सर सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करके मंदिर चले जाते हैं, जिससे जाम लगता है। जवाब- पार्किंग के लिए तीन जगहों को चिह्नित किया गया है। इनमें देवभोग के पास का मैदान, हाईस्कूल ग्राउंड और कटेकल्याण की तरफ तेंदूपत्ता गोदाम के पास की जगह शामिल है। इसके अलावा, पिछले साल कर्मा जी की प्रतिमा के पास मोटरसाइकिलों की पार्किंग थी। इस बार अग्रवाल मार्ट के पीछे भी दोपहिया वाहनों के लिए जगह चिह्नित की गई है, ताकि मोटरसाइकिलें सड़क पर खड़ी न हों। टॉकीज के पास भी एक वैकल्पिक पार्किंग स्थल चिह्नित किया गया है। सड़क किनारे वाहन खड़े करके चले जाने की समस्या को देखते हुए टोइंग गाड़ी भी मंगवाई गई है। जिससे टो करने गाड़ी को पार्किंग स्थल पर लगा दिया जाए। हमारी कोशिश है कि वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के बावजूद पार्किंग और ट्रैफिक को व्यवस्थित रखा जाए। सवाल – मुख्य मार्ग पर श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए क्या व्यवस्था रहेगी? जवाब – SBI तिराहे से किरंदुल मार्ग की तरफ से आने वाली वाहनों को RTO चौक से देवभोग होते हुए निकालने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पर्याप्त बल लगाने की तैयारी है। गायत्री मंदिर चौक से बस स्टैंड तक के हिस्से को नो व्हीकल जोन बनाया गया है। लोग गायत्री मंदिर के पास उतरकर पैदल मंदिर की तरफ जाएं और निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करें। विशेष परिस्थितियों और VIP मूवमेंट के दौरान अलग व्यवस्था करनी पड़ सकती है। सवाल – भीड़ बढ़ने पर जाम की स्थिति बनती है। क्या वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी? जवाब – हम भीड़ के अनुरूप वन-वे और सिंगल मूवमेंट की व्यवस्था करते हैं। गीदम से दंतेवाड़ा तक रस्सा खींचकर रे-लाइन बनाते हैं। गीदम से दंतेवाड़ा तक करीब 5 पेट्रोलिंग गाड़ियां निर्धारित की जा रही हैं। इन गाड़ियों के साथ ट्रैफिक कर्मचारी, टोइंग व्हीकल और जरूरी उपकरण भी रहेंगे। जरूरत पड़ने पर पैदल यात्रियों को सड़क के एक तरफ से और भारी वाहनों और वाहनों को दूसरी तरफ से निकालने का विकल्प भी रखा गया है। मौके की स्थिति देखकर व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो और सड़क पर जाम की स्थिति न बने। सवाल – अगर किसी श्रद्धालु या वाहन चालक को रास्ते में परेशानी होती है, तो वह ट्रैफिक पुलिस से कैसे संपर्क कर सकेगा? जवाब- पेट्रोलिंग टीम के नंबर और कंट्रोल रूम का नंबर लोगों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए फ्लेक्स भी लगाए जाएंगे। इनमें मेरा व्यक्तिगत फोन नंबर, ट्रैफिक टीआई और कोतवाली का फोन नंबर और अलग-अलग पॉइंट पर तैनात कर्मचारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग सीधे संपर्क कर सकें। सवाल – क्या नवरात्र के दौरान कुछ रास्तों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जाएगी? जवाब – गायत्री मंदिर चौक से आगे वाहनों को जाने से रोकने की कोशिश रहेगी। विशेष परिस्थिति या VIP मूवमेंट होने पर ही जरूरत के मुताबिक वाहनों को आगे जाने दिया जाएगा। अन्यथा लोग गायत्री मंदिर के पास उतरकर पैदल आगे जा सकेंगे। दंतेवाड़ा में व्यावसायिक और कमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही भी काफी रहती है। इस संबंध में भी बात की जा रही है कि कुछ दिनों के लिए उनके आवागमन को नियंत्रित या बंद रखा जाए, ताकि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। फिलहाल इसपर बातचीत चल रही है।

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