संभल के वृंदा नर्सिंग होम में डिलीवरी के दौरान नवजात का पैर टूटने और इलाज में लापरवाही से उसकी मौत होने का आरोप लगा है। पिता की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। यह घटना जनपद संभल के थाना बहजोई कस्बा क्षेत्र के वृंदा नर्सिंग होम की है। अजय पाल गांव सेंजनी, थाना चंदौसी के रहने वाले हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अजय पाल ने 27 अक्टूबर को अपनी पत्नी शशि को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। वह नौ महीने की गर्भवती थीं। अजय पाल के मुताबिक, रात 9 बजे पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के लोगों ने उन्हें बच्चे के पैर में चोट की जानकारी नहीं दी। बच्चा परेशान दिखा तो आशा विमला के जरिए उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच में पैर टूटा होने की बात बताई गई। सुबह 5 बजे बच्चे की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर 3 बजे थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि अजय पाल ने शिकायत दी है। उन्होंने बच्चे का पैर टूटने और इलाज में लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अजय पाल ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि बच्चे का पैर कैसे टूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनके बेटे की मौत हुई।

