नम आंखों से मां दुर्गा को दी विदाई, अगले साल फिर आने के लिए की गई प्रार्थना

नम आंखों से मां दुर्गा को दी विदाई, अगले साल फिर आने के लिए की गई प्रार्थना

विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को मधेपुर प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन नदी एवं तालाबों में किया गया। पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। दिन भर श्रद्धालुओं ने माता रानी का दर्शन किया और शाम ढ़लते ही विसर्जन का दौर शुरू हो गया। सर्वप्रथम शाम पांच बजे मधेपुर ड्योढ़ी स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन स्थानीय कंसार पोखरा में किया गया। इस दौरान भक्तों ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने के लिए प्रार्थना किया। विसर्जन के दौरान मैथिली सोहर एवं समदाउन गीतों से आसपास का माहौल आध्यात्मिक रंग में सराबोर हो उठा। माता रानी का अंतिम दर्शन करने कंसार पोखरा के चारों तरफ लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तालाब में दो नावों को जोड़कर उसपर मां दुर्गा की प्रतिमा रखा गया। जिसके बाद नाव पर कीर्तन मंडली सवार हुए। भजन कीर्तन के साथ तालाब में चारों तरफ प्रतिमा को लगभग एक घंटे तक घुमाने के बाद जल समाधि दे दी गई। प्रखंड क्षेत्र के बाथ, तरडीहा, द्वालख, भेजा, बलथी, नवादा, टेंगरी, लक्ष्मीपुर चौक, बसीपट्टी सहित सभी 15 जगहों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक कर दिया गया। इधर प्रतिमा विसर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा पहली बार शाम 4:30 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई। विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को मधेपुर प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन नदी एवं तालाबों में किया गया। पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। दिन भर श्रद्धालुओं ने माता रानी का दर्शन किया और शाम ढ़लते ही विसर्जन का दौर शुरू हो गया। सर्वप्रथम शाम पांच बजे मधेपुर ड्योढ़ी स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन स्थानीय कंसार पोखरा में किया गया। इस दौरान भक्तों ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने के लिए प्रार्थना किया। विसर्जन के दौरान मैथिली सोहर एवं समदाउन गीतों से आसपास का माहौल आध्यात्मिक रंग में सराबोर हो उठा। माता रानी का अंतिम दर्शन करने कंसार पोखरा के चारों तरफ लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तालाब में दो नावों को जोड़कर उसपर मां दुर्गा की प्रतिमा रखा गया। जिसके बाद नाव पर कीर्तन मंडली सवार हुए। भजन कीर्तन के साथ तालाब में चारों तरफ प्रतिमा को लगभग एक घंटे तक घुमाने के बाद जल समाधि दे दी गई। प्रखंड क्षेत्र के बाथ, तरडीहा, द्वालख, भेजा, बलथी, नवादा, टेंगरी, लक्ष्मीपुर चौक, बसीपट्टी सहित सभी 15 जगहों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक कर दिया गया। इधर प्रतिमा विसर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा पहली बार शाम 4:30 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई।  

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