हिमाचल प्रदेश के गवर्नर कविंदर गुप्ता ने गुरुवार को नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बातचीत की, जिसमें खास तौर पर संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया। मुलाकात के दौरान, गुप्ता ने राम नाथ कोविंद के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं और सार्वजनिक जीवन में उनके शानदार सफर और विभिन्न संवैधानिक पदों पर रहते हुए देश के लिए उनके अमूल्य योगदान के लिए उनके प्रति गहरा सम्मान जताया।
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गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश में अपनाई जा रही प्राथमिकताओं और पहलों पर भी अपने विचार साझा किए, खासकर गुणवत्तापूर्ण और मूल्य-आधारित शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और इसकी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक क्षमता को बढ़ावा देने के क्षेत्रों में।
यह बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें जनसेवा के आदर्शों, संवैधानिक मूल्यों और देश की निरंतर प्रगति और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता दिखाई दी। इससे पहले रविवार को, शिमला के लोक भवन में आयोजित राज्य-स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में गुप्ता ने 32 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार प्रदान किए और एक शिक्षक को 2025 के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों, सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा, “शिक्षकों को शिक्षा और संस्कार देने की अपनी जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, क्योंकि तभी शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया वास्तव में प्रभावी हो सकती है।” राष्ट्र-निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए गुप्ता ने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी आवश्यक होगी।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मज़बूत और विकसित भारत की नींव के तौर पर अच्छी क्वालिटी वाली, समावेशी और मूल्यों पर आधारित शिक्षा को बहुत ज़्यादा अहमियत दी है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 का ज़िक्र करते हुए गवर्नर ने कहा कि शिक्षा अब सिर्फ़ परीक्षाओं और डिग्रियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब इसका ज़्यादा ध्यान ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, इनोवेशन, रिसर्च और चरित्र निर्माण पर है। उन्होंने कहा कि PM SHRI स्कूल, NIPUN भारत, समग्र शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और अटल टिंकरिंग लैब्स जैसी पहल से छात्रों को वैज्ञानिक सोच और 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के मौके मिल रहे हैं।

