नंदीग्राम कांग्रेस प्रत्याशी को मिली जमानत रद्द:एक दिन बाद ही हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच का फैसदा बदला

नंदीग्राम कांग्रेस प्रत्याशी को मिली जमानत रद्द:एक दिन बाद ही हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच का फैसदा बदला

कांग्रेस को पश्चिम की नंदीग्राम विधानसभा सीट के होने वाले उपचुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उम्मीदवार मिलन प्रधान को गुरुवार को सिंगल बेंच से मिली राहत को कलकत्ता हा कोर्ट की डिविजन बेंच ने शुक्रवार को रद्द कर दिया है। यह मामला मिलन के 2007 के क्रिमिनल केस से जुड़ा हुआ है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस तरह के क्रिमिनल लॉ में किसी भी आरोपी को इस तरह से अंतरिम सुरक्षा का प्रावधान नहीं दिया गया है। अगर आरोपी को गिरफ्तारी की आशंका है तो वह अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर सकता है। गुरुवार को सिंगल बेंच ने दी थी जमानत कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने गुरुवार को प्रधान मिलन को जमानत देते हुए टिप्पणी की थी- यह आश्चर्यजनक है कि शिकायत 2007 में दर्ज की गई थी और जांच अधिकारी ने 19 साल बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की है। कोर्ट ने बंगाल पुलिस को आदेश दिया था कि 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई न करे। चुनाव प्रचार भी नहीं कर सकेंगे हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट ने उन्हें 19 सितंबर को 4 मामलों में 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। ये मामले 2007 के नंदीग्राम से जुड़े हैं। इसके बाद 21 सितंबर को कांथी कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के करीब दो दशक पुराने मामले में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दोनों निचली अदालतों के आदेशों से प्रधान के लिए खुद प्रचार करने का मौका खत्म हो गया है। अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद उपचुनाव नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जीती थी। उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। इसी सीट पर उपचुनाव हो रहा है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम की खास जगह 2007 का भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन: साल 2007 में यहां हुए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का रुख बदल दिया था। इसी आंदोलन के दम पर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) राज्य की सत्ता में आई और वाम मोर्चे (Left Front) का लंबा शासन खत्म हुआ था। इस आंदोलन में शुभेंदु ने ममता की मदद की थी। 2021 का हाई-प्रोफाइल मुकाबला: 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने इसी सीट से ममता बनर्जी को हराकर एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। —————— ये खबर भी पढ़ें… ममता की नई पार्टी का लोगो ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ लॉन्च: इसी पर उपचुनाव लड़ेगी; इससे पहले 2 पार्टियों को मिल चुका यही सिंबल ममता बनर्जी गुट ने सोमवार को नई पार्टी ‘ममता टीएमसी’ का अस्थायी नया लोगो ‘फुटबॉल खेलता खिलाड़ी’ लॉन्च किया। TMC में टूट के बाद 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने TMC का ओरिजनल नाम और ‘दो फूल-घास’ सिंबल फ्रीज कर दिया था। इसके बाद ममता और बागी गुट अरूप रॉय को नई पहचान मिली। पढ़ें पूरी खबर…

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