दोस्त के लिए माफी मांगी, कैलाश बोले-इनके बिना मंत्रिमंडल अधूरा:भाजपा नेता ने भरे कार्यक्रम में दी गालियां, मोदी का भाषण सुनने आए कांग्रेस विधायक

दोस्त के लिए माफी मांगी, कैलाश बोले-इनके बिना मंत्रिमंडल अधूरा:भाजपा नेता ने भरे कार्यक्रम में दी गालियां, मोदी का भाषण सुनने आए कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। विजयवर्गीय को खल रही दोस्त कमल की कमी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को अपने खास दोस्त और पूर्व मंत्री कमल पटेल की कमी खल रही है। कमल पटेल पिछला विधानसभा चुनाव हार गए थे। अब विजयवर्गीय ने हरदा की जनता के सामने अपनी दिली इच्छा जाहिर की है कि कमल पटेल एक बार फिर हरदा का नेतृत्व करें। दरअसल, कमल पटेल के जन्मदिन के मौके पर हरदा में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें मंत्री विजयवर्गीय को भी शामिल होना था, लेकिन किसी कारण से वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। लिहाजा, उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि कमल जी के हमारे साथ मंत्रिमंडल में नहीं होने से एक अधूरापन लगता है। हमें विधानसभा और मंत्रिमंडल में इनकी कमी खलती है। इसके बाद उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगला चुनाव कमल जी लड़ें तो हरदा से हजारों वोटों से जीतकर जाएं, ऐसा आशीर्वाद दे दीजिए। इतना ही नहीं, विजयवर्गीय ने पिछले चुनाव में हार चुके अपने दोस्त कमल पटेल के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी से, इनसे या इनके कार्यकर्ताओं से कोई गलती हो गई हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। अगले चुनाव में आप कमल जी को आशीर्वाद दें। अब खरी बात ये है कि दोस्त कमल पटेल के लिए कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी दिली इच्छा तो जता दी। लेकिन भाजपा में रीति यही है कि चुनाव कौन लड़ेगा, इस पर अंतिम मुहर दिल्ली से लगती है। ऊपर से भाजपा चौंकाने वाले फैसलों के लिए भी जानी जाती है। इसका ताजा उदाहरण दतिया उपचुनाव ही याद कर लीजिए। भाजपा के कार्यक्रम में पहुंच गए कांग्रेस विधायक
डिंडौरी में गजब ही हो गया। यहां कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम भाजपा के कार्यक्रम में नजर आए। वे भाजपा की ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने पहुंच गए। इसका वीडियो भी सामने आया है। कांग्रेस विधायक को भाजपा के कार्यक्रम में बैठा देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। हालांकि, विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उनके साथ धोखा हो गया। उनका कहना है कि उन्हें कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम बताकर आमंत्रित किया गया था। अब विधायक ने इस मामले में कलेक्टर और चीफ सेक्रेटरी से शिकायत करने की बात कही है। अब मामला जो भी हो, भाजपा के कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक की मौजूदगी का यह वाकया सियासी गलियारों में चर्चा का विषय जरूर बन गया है। मंच पर जगह नहीं मिली, नेता जी ने किया हंगामा
मैहर में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ के दौरान भाजपा जिला संयोजक विश्वनाथ तिवारी को मंच पर जगह नहीं मिली तो वे नाराज हो गए। देखते ही देखते उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उनके मुंह से गालियां निकलने लगीं। उनका गुस्सा देख वहां मौजूद पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें मनाने और शांत करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। नाराज नेता जी कार्यक्रम छोड़कर जाने लगे। हालांकि, बाद में उन्हें समझा-बुझाकर मंच पर बैठा दिया गया। नेता जी मान तो गए, लेकिन उनके मुंह से निकले बोल और उनका हंगामा कैमरे में कैद हो गया। अब यह पूरा वाकया खुद को अनुशासित पार्टी कहने वाली भाजपा के लिए किरकिरी का कारण बन गया है। मोदी के भाषण के दौरान बातचीत करते रहे नेता
इंदौर में भाजपा की ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण चल रहा था। लेकिन उन्हें ध्यान से सुनने की बजाय मंच पर बैठे नेता आपसी बातचीत में मशगूल नजर आए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से लेकर शहर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा, भाजपा विधायक मालिनी गौड़ और भाजपा विधायक उषा ठाकुर समेत अन्य नेता आपस में बातें करते रहे। उज्जैन में भी हाल जुदा नहीं थे। यहां भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा समेत कुछ नेताओं को नींद सताने लगी। वे बीच कार्यक्रम में झपकियां लेते नजर आए। कुछ कार्यकर्ता मोबाइल चलाते भी दिखे। जबकि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद थे। अब कहने वाले कह रहे हैं कि भाजपा नेता ही अपनी पार्टी के कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। और अब अंदर की बात.. साहब को मेस पसंद है…
एक संभाग में पदस्थ एक सीनियर आईपीएस अधिकारी ने मेस को ही अपना ठिकाना बना रखा है। साहब की पोस्टिंग को एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन वे अब तक सरकारी बंगले में नहीं गए। मेस में ही रह रहे हैं। खास बात ये है कि साहब को अंडे खाने का बड़ा शौक है। इस मामले में उन्हें मेस में रहने का फायदा भी मिल रहा है। साहब को लेकर चर्चा है कि इन्होंने सरकारी बंगला खुद से नहीं लिया है या फिर इन्हें मिला ही नहीं? ये वही अफसर हैं, जो एक मंत्री के दौरे के दौरान अपनी गाड़ी से ही नहीं उतरे थे। इसके बाद मंत्री ने उन्हें अच्छी-खासी नसीहत भी दी थी। इनपुट सहयोग – संदेश पारे (हरदा), संतोष शितोले (इंदौर), मोहित राठौर (उज्जैन), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी), जयदेव विश्वकर्मा (मैहर), विजय सिंह बघेल (भोपाल), जितेंद्र तिवारी (सागर) ये भी पढ़ें –
वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन का ‘गोबर’ कर गई भैंसें: सीएम का एक और टैलेंट आया सामने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक और टैलेंट सामने आया है। वे दोनों हाथों से लिखते नजर आए। सीएम विधानसभा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान वे मंच पर कागज पर कुछ लिख रहे थे। पहले उन्होंने बाएं हाथ से कुछ लिखा और फिर दाएं हाथ से भी लिखते नजर आए। सीएम का ये हुनर कैमरे में कैद हो गया। पूरी खबर पढ़ें

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *