देहरादून में 16.6 किलो गांजा जब्त, मुजफ्फरपुर से सप्लायर गिरफ्तार:कबाड़ गोदाम में मिला था गांजा; तस्कर ने सप्लायर के अकाउंट में भेजे थे 3.63 लाख, NCB ने उठाया

देहरादून में 16.6 किलो गांजा जब्त, मुजफ्फरपुर से सप्लायर गिरफ्तार:कबाड़ गोदाम में मिला था गांजा; तस्कर ने सप्लायर के अकाउंट में भेजे थे 3.63 लाख, NCB ने उठाया

देहरादून में 16.600 किलो गांजा जब्ती के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच की कड़ी मुजफ्फरपुर तक पहुंच गई है। जब्त गांजा मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों के बयान और बैंक खाते में हुए लाखों रुपये के लेनदेन की जांच के आधार पर एनसीबी की देहरादून जोनल इकाई ने मुजफ्फरपुर के गायघाट क्षेत्र के रहने वाले रामललित राय को गिरफ्तार किया है। उसे 14 अक्टूबर की सुबह 9 बजे बेनीबाद थाना परिसर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। वहां से तीन दिन की ट्रांसिट रिमांड मिलने के बाद एनसीबी की टीम उसे देहरादून ले गई। वहां उसे मादक पदार्थ से जुड़े मामले की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायालय में पेश किया जाना है। एनसीबी की ओर से अदालत में दिए गए आवेदन के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को देहरादून के गाजियावाला स्थित लक्ष्मण साहनी के कबाड़ गोदाम से 16.600 किलो गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में लक्ष्मण साहनी, उम्र करीब 55 वर्ष, और दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के भटनी गांव निवासी दिनेश मुखिया, उम्र करीब 28 वर्ष, को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के बयान में आया नाम जांच के दौरान एनसीबी को गिरफ्तार लक्ष्मण साहनी और दिनेश मुखिया के बयानों में रामललित राय का नाम मिला। एजेंसी के अनुसार, दोनों ने उसे जब्त गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के रूप में बताया। इसके बाद जांच टीम ने बैंक खातों के लेनदेन और कॉल विवरण रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि लक्ष्मण साहनी के बैंक खाते से रामललित राय के खाते में 11 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 3 लाख 63 हजार 701 रुपये भेजे गए थे। एनसीबी को संदेह है कि यह रकम गांजा खरीदने के लिए दी गई थी। कॉल विवरण रिकॉर्ड की जांच में भी रामललित राय का दोनों गिरफ्तार आरोपियों से संपर्क होने की जानकारी मिली। इन बयानों, बैंक लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड को आधार बनाकर एनसीबी ने मामले में रामललित राय की कथित भूमिका की जांच की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, गांजा तस्करी में उसकी भूमिका से जुड़े आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है। तीन दिन की ट्रांसिट रिमांड पर देहरादून ले गई टीम एनसीबी ने अदालत में दिए आवेदन में बताया कि गांजा जब्ती का मामला देहरादून में दर्ज है। इसलिए आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए देहरादून स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायालय में पेश करना आवश्यक है। मुजफ्फरपुर से देहरादून तक की यात्रा, सुरक्षा और पुलिस अभिरक्षा की व्यवस्था के लिए तीन दिन की ट्रांसिट रिमांड मांगी गई थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद टीम रामललित राय को देहरादून ले गई। अब इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई देहरादून में की जाएगी। देहरादून में 16.600 किलो गांजा जब्ती के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच की कड़ी मुजफ्फरपुर तक पहुंच गई है। जब्त गांजा मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों के बयान और बैंक खाते में हुए लाखों रुपये के लेनदेन की जांच के आधार पर एनसीबी की देहरादून जोनल इकाई ने मुजफ्फरपुर के गायघाट क्षेत्र के रहने वाले रामललित राय को गिरफ्तार किया है। उसे 14 अक्टूबर की सुबह 9 बजे बेनीबाद थाना परिसर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। वहां से तीन दिन की ट्रांसिट रिमांड मिलने के बाद एनसीबी की टीम उसे देहरादून ले गई। वहां उसे मादक पदार्थ से जुड़े मामले की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायालय में पेश किया जाना है। एनसीबी की ओर से अदालत में दिए गए आवेदन के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को देहरादून के गाजियावाला स्थित लक्ष्मण साहनी के कबाड़ गोदाम से 16.600 किलो गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में लक्ष्मण साहनी, उम्र करीब 55 वर्ष, और दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के भटनी गांव निवासी दिनेश मुखिया, उम्र करीब 28 वर्ष, को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के बयान में आया नाम जांच के दौरान एनसीबी को गिरफ्तार लक्ष्मण साहनी और दिनेश मुखिया के बयानों में रामललित राय का नाम मिला। एजेंसी के अनुसार, दोनों ने उसे जब्त गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के रूप में बताया। इसके बाद जांच टीम ने बैंक खातों के लेनदेन और कॉल विवरण रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि लक्ष्मण साहनी के बैंक खाते से रामललित राय के खाते में 11 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 3 लाख 63 हजार 701 रुपये भेजे गए थे। एनसीबी को संदेह है कि यह रकम गांजा खरीदने के लिए दी गई थी। कॉल विवरण रिकॉर्ड की जांच में भी रामललित राय का दोनों गिरफ्तार आरोपियों से संपर्क होने की जानकारी मिली। इन बयानों, बैंक लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड को आधार बनाकर एनसीबी ने मामले में रामललित राय की कथित भूमिका की जांच की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, गांजा तस्करी में उसकी भूमिका से जुड़े आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है। तीन दिन की ट्रांसिट रिमांड पर देहरादून ले गई टीम एनसीबी ने अदालत में दिए आवेदन में बताया कि गांजा जब्ती का मामला देहरादून में दर्ज है। इसलिए आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए देहरादून स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायालय में पेश करना आवश्यक है। मुजफ्फरपुर से देहरादून तक की यात्रा, सुरक्षा और पुलिस अभिरक्षा की व्यवस्था के लिए तीन दिन की ट्रांसिट रिमांड मांगी गई थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद टीम रामललित राय को देहरादून ले गई। अब इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई देहरादून में की जाएगी।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *