देश के प्रतिष्ठित IVRI में अनशन का 9वां दिन:एक छात्रा की हालत बिगड़ी, Gen-Z डॉक्टर्स ₹25 हजार स्टाइपेंड की कर रहे मांग

देश के प्रतिष्ठित IVRI में अनशन का 9वां दिन:एक छात्रा की हालत बिगड़ी, Gen-Z डॉक्टर्स ₹25 हजार स्टाइपेंड की कर रहे मांग

बरेली के इज्जत नगर स्थित देश के प्रतिष्ठित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर Gen-Z डॉक्टर्स का धरना प्रदर्शन मंगलवार को 9वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है, जबकि 150 से अधिक छात्र उनके समर्थन में डटे हुए हैं। अनशन के दौरान शाम को अचानक एक छात्रा की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। संस्थान स्तर से मेडिकल सहायता न मिलने पर छात्रों को खुद ही एंबुलेंस बुलानी पड़ी। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार और दवा दिए जाने के बाद छात्रा अपने हक की लड़ाई के लिए फिर से अनशन स्थल पर बैठ गई। प्रशासन की बेरुखी: एलर्जी और बुखार से जूझ रहे छात्र, नहीं पहुंची मेडिकल टीम
धरने पर बैठे छात्रों को गंभीर एलर्जी, सिरदर्द और बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि वे सुबह से ही विश्वविद्यालय प्रशासन से मेडिकल सपोर्ट टीम तैनात करने की मांग कर रहे थे, लेकिन विश्वविद्यालय या आईसीएआर (ICAR) के किसी भी अधिकारी ने इस पर कोई सुध नहीं ली। शाम को जब छात्रा बेहोश हुई, तब भी प्रशासनिक स्तर पर संवेदनहीनता ही देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। यूपी वेटरनरी एसोसिएशन का समर्थन, हाईकोर्ट जाने का मिला सुझाव
आंदोलन के 9वें दिन यूपी वेटरनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और छात्रों का हौसला बढ़ाया। डॉ. मनोज कुमार ने छात्रों को प्रेरित करते हुए इस मामले को लेकर संबंधित क्षेत्राधिकार के उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में याचिका दायर करने का सुझाव दिया। 12 महीने के लिए ₹25 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग
IVRI में शांतिपूर्ण धरना दे रहे अंडरग्रेजुएट छात्रों की मुख्य मांग है कि 12 महीने की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान उन्हें ₹25,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाए। छात्रों का तर्क है कि वर्तमान में उन्हें केवल 6 महीने के लिए ₹3,000 प्रतिमाह दिया जाता है, जो पूरी तरह अनुचित है। देश के अन्य वेटरनरी संस्थानों में इंटर्नशिप के दौरान करीब ₹23 हजार से ₹24 हजार तक मानदेय मिल रहा है। LUVAS और अन्य संस्थानों का हवाला, एक सुर में मांग
हरियाणा से आए छात्रों का कहना है कि लाला लाजपत राय पशु-चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS) में करीब ₹24,310 इंटर्नशिप अलाउंस मिलता है। वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया (VCI) के मानकों के अनुसार इंटर्नशिप के साथ आवश्यक भत्ते और सुविधाएं मिलनी चाहिए, जबकि IVRI में छात्रों को रहने-खाने का खर्च भी अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है। लद्दाख, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के छात्र एक सुर में पूरे 12 महीने के लिए ₹25 हजार मानदेय की मांग कर रहे हैं। दबाव और नोटिस के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल खाली कराने के निर्देश और नोटिस दिए जाने के बावजूद वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं और न ही इमरजेंसी सेवाओं को बाधित कर रहे हैं। जब तक संस्थान या मंत्रालय की ओर से स्टाइपेंड वृद्धि पर लिखित और ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

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