डिजिटल रजिस्ट्रेशन में लापरवाही पर 38 अस्पतालों को नोटिस:एक माह में HFR-HPR आईडी नहीं बनाई तो रद्द हो जाएगा रजिस्ट्रेशन

डिजिटल रजिस्ट्रेशन में लापरवाही पर 38 अस्पतालों को नोटिस:एक माह में HFR-HPR आईडी नहीं बनाई तो रद्द हो जाएगा रजिस्ट्रेशन

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अनिवार्य डिजिटल रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं करना शहर के 38 अस्पतालों को भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है। निर्धारित समय-सीमा में हेल्थ फेसेलिटी रजिस्ट्री (HFR) और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले अस्पतालों को अब एक महीने का नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित अस्पतालों का पंजीयन निरस्त किया जा सकता है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के अस्पतालों को HFR और HPR में रजिस्ट्रेशन कराकर आईडी बनाने के लिए पहले ही निर्देश दिए जा चुके थे। स्वास्थ्य विभाग ने पत्र जारी कर अस्पतालों को इसकी याद दिलाई थी। इसके बावजूद कई अस्पतालों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके बाद विभाग ने 58 अस्पतालों को पत्र जारी कर तीन दिन के भीतर HFR-HPR आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। समय-सीमा पूरी होने के बाद भी 38 अस्पतालों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की। अब इन अस्पतालों को एक माह का नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों और डॉक्टरों का डिजिटल रिकॉर्ड होगा तैयार सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हसानी के अनुसार, हेल्थ फेसेलिटी रजिस्ट्री (HFR) में स्वास्थ्य संस्थानों का, जबकि हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में पात्र चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों का रजिस्ट्रेशन किया जाना आवश्यक है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना और स्वास्थ्य संस्थानों के साथ स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। इन दोनों रजिस्ट्रियों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल पहचान और रिकॉर्ड व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। एक माह में प्रक्रिया पूरी नहीं की तो होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों को मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन अधिनियम, 1973) एवं नियम, 1997 (यथा संशोधित 2021) के तहत नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस की अवधि में भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में संबंधित अस्पतालों को निर्धारित समय-सीमा में HFR-HPR रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

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