देवरिया में धार्मिक स्थल पर कार्रवाई का विरोध:पीठाधीश्वर ने प्रदर्शन कर CM को भेजा पत्र, हनुमान मंदिर ध्वस्त करने का आरोप

देवरिया में धार्मिक स्थल पर कार्रवाई का विरोध:पीठाधीश्वर ने प्रदर्शन कर CM को भेजा पत्र, हनुमान मंदिर ध्वस्त करने का आरोप

देवरिया में मंदिर परिसर के पास समाधि स्थल और अर्धनिर्मित हनुमान मंदिर को ध्वस्त करने का आरोप लगा है। नगर पालिका परिषद देवरिया के वार्ड नंबर-9 स्थित पिड़रा मोहल्ले में हुई इस कथित कार्रवाई के विरोध में पीठाधीश्वर स्वामी नारायण दास महाराज ने मंगलवार को 11 बजे प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्वामी नारायण दास के अनुसार, पिड़रा मोहल्ले में प्राचीन रामजानकी मंदिर, दुर्गा मंदिर और बजरंगबली का एक छोटा मंदिर स्थापित है। मंदिर के बगल में पुजारियों और साधु-संतों की समाधियां भी बनी हुई थीं। भूमि की कमी के कारण ये समाधियां छोटे स्वरूप में स्थापित की गई थीं। उन्होंने बताया कि पूर्व में स्थापित छोटे हनुमान मंदिर को भव्य स्वरूप देने के लिए विधिवत भूमि पूजन कराया गया था। इसके बाद नए मंदिर के निर्माण के लिए नींव भी रखी गई थी, लेकिन धन की कमी के कारण इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका था। आरोप है कि 13 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे पर्यटन विभाग और नगर पालिका के कर्मचारियों ने पूर्व में बने समाधि स्थल और अर्धनिर्मित हनुमान मंदिर के स्थान को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने इसे जिलाधिकारी के आदेश पर किया जाना बताया। स्वामी नारायण दास ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने और धार्मिक स्थल से जुड़ी कार्रवाई को तत्काल रुकवाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मंदिर के बगल में करीब एक एकड़ क्षेत्र में एक पोखरा (तालाब) है। दावा है कि इस पोखरे के किनारे करीब 250 पक्के छठ माता स्थान बने हैं, जहां पर्व के दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। पीठाधीश्वर ने मुख्यमंत्री से मंदिर, समाधि स्थल और अन्य धार्मिक स्थलों की स्थिति स्पष्ट करने तथा संबंधित पक्षों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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