दुकानों की सीलिंग के विरोध में व्यापारी सड़क पर:इटावा में दुकानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण के नोटिस से नाराज व्यापारी

दुकानों की सीलिंग के विरोध में व्यापारी सड़क पर:इटावा में दुकानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण के नोटिस से नाराज व्यापारी

इटावा में बुधवार दोपहर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में व्यापारियों ने दुकानों को सील करने और ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर राहत देने और पहले से विकसित बाजारों को नियमित करने के लिए कानून बनाने की मांग उठाई। व्यापारियों का कहना है कि आवासीय कॉलोनियों में बाजारों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों ने अपने स्तर पर दुकानें खोलकर कारोबार शुरू किया। इससे स्थानीय लोगों को जरूरी सामान और सेवाएं मिलने के साथ रोजगार भी पैदा हुआ। अब दुकानों पर कार्रवाई के नोटिस मिलने से कारोबार और परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। आवासीय कॉलोनियों में बाजार नहीं होने का दिया हवाला व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद की ओर से विकसित कॉलोनियों में पर्याप्त बाजार नहीं बनाए गए। ऐसे में व्यापारियों ने अपनी जरूरत के मुताबिक बाजार विकसित किए। इन दुकानों से लोगों को रोजमर्रा की चीजें और जरूरी सेवाएं मिल रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे कमर्शियल बिजली बिल, हाउस टैक्स, जीएसटी और आयकर सहित विभिन्न करों के जरिए सरकार को राजस्व भी देते हैं।
सीलिंग और ध्वस्तीकरण के नोटिस पर जताई नाराजगी व्यापारियों ने कहा कि पुराने शहरों, आवासीय कॉलोनियों और नई विकसित बस्तियों में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को अवैध निर्माण बताकर नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों के सामने दुकान बंद होने का खतरा है। पदाधिकारियों ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट में मामले से जुड़े तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं करने का आरोप भी लगाया। पुराने बाजारों को नियमित करने के लिए कानून की मांग मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में व्यापारियों ने आवासीय भवनों में दुकान खोलकर कारोबार करने की अनुमति देने के लिए कानून बनाने की मांग की। उन्होंने पहले से विकसित बाजारों और कॉलोनियों को नियमित करने की कानूनी व्यवस्था करने की अपील की, ताकि वर्षों से व्यापार कर रहे लोगों को राहत मिल सके। व्यापारियों ने कहा कि मौजूदा कारोबार को अचानक अवैध बताकर कार्रवाई करने से उनकी आजीविका प्रभावित होगी। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग व्यापार मंडल ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों और अन्य लोगों के पुनर्वास के लिए कानून बनाने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में केवल भवन स्वामी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान हैं।

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