दिल्ली में हत्या की, अब औरंगाबाद में नाबालिग से गैंगरेप:मामा की कार लेकर दोस्तों संग घूमने निकला था; दूसरा ग्रेजुएशन, तीसरा इंटर का छात्र

दिल्ली में हत्या की, अब औरंगाबाद में नाबालिग से गैंगरेप:मामा की कार लेकर दोस्तों संग घूमने निकला था; दूसरा ग्रेजुएशन, तीसरा इंटर का छात्र

“राजू दिल्ली में एक मर्डर कर चुका है, अब उसने 8वीं क्लास की लड़की के साथ रेप किया। वह शुरू से ही बदमाश टाइप का लड़का था। हालांकि, गांव में उसके परिवार की इज्जत काफी है, लेकिन उसने परिवार की इज्जत को मिट्टी में मिला दिया।” औरंगाबाद में नाबालिग से गैंगरेप के मुख्य आरोपी राजू के गांव ढिबरा के रहने वाले अजय ने दैनिक भास्कर को उसके बारे में जानकारी दी। दरअसल, औरंगाबाद के कुटुंबा की 8वीं कक्षा की छात्रा के साथ गैंगरेप करने वाले तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। दैनिक भास्कर ने आरोपियों के गांव जाकर उनके बारे में जानकारी हासिल की। गैंगरेप के तीनों आरोपियों की क्या कहानी है? तीनों के बीच कैसे दोस्ती हुई? तीनों ने मिलकर कैसे नाबालिग से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले कुछ तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, तीनों आरोपियों के बारे में… 8वीं क्लास की लड़की से रेप का मुख्य आरोपी हत्याकांड में शामिल रहा है। दिल्ली में प्राइवेट जॉब के दौरान विवाद में अपने सहकर्मी की लोहे के रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हालांकि, मृतक के परिजन और आरोपी के बीच सुलह हो गई थी। हत्या की घटना पिछले साल की है। वहीं, गैंगरेप मामले का दूसरा आरोपी ग्रेजुएशन, जबकि तीसरा आरोपी इंटरमीडिएट का स्टूडेंट है। दूसरे आरोपी की शादी होने वाली थी, लेकिन गैंगरेप की घटना की जानकारी के बाद लड़की पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया है। पुलिस और गांव के लोगों के मुताबिक, तीनों आरोपी पिछले एक साल से ही एक साथ दिखते थे। तीनों के बीच दोस्ती कैसे हुई, क्या तीनों ने मिलकर पहले भी किसी घटना को अंजाम दिया है, इस संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है। मुख्य आरोपी की पहचान 28 साल के राजू कुमार सिंह उर्फ झुन्नू, दूसरे आरोपी की पहचान 25 साल के प्रिंस और तीसरे आरोपी की पहचान 20 साल के रौशन के रूप में हुई है। सबसे पहले गैंगरेप के मुख्य आरोपी राजू कुमार सिंह की कहानी ग्रामीण अजय ने बताया कि मुख्य आरोपी राजू कुमार सिंह उर्फ झुन्नू मूल रूप से कुटुंबा थाना क्षेत्र के ढिबरा गांव का रहने वाला है। उसके पिता विजय सिंह की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी है। बताया जाता है कि विजय सिंह को गांव में संपत्ति दान में मिली थी और इसके बाद उनका परिवार वहीं रहने लगा। परिवार के अन्य सदस्य भी इसी इलाके में रहते हैं। राजू दो भाइयों में छोटा है। उसका बड़ा भाई किसी कंपनी में प्राइवेट जॉब करता है। ग्रामीणों के अनुसार, राजू कुछ साल पहले दिल्ली में प्राइवेट जॉब करने गया था। वहां किसी बात को लेकर उसका अपने एक सहकर्मी से विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान राजू ने सहकर्मी की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने राजू को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद उसे मामले से राहत मिलने की बात ग्रामीणों ने बताई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस रिकॉर्ड और न्यायालयीन दस्तावेज ही अंतिम तथ्य माने जाएंगे। पिछले करीब एक साल से राजू गांव में ही रह रहा था। इसी दौरान वो गांव के ही दो अन्य युवकों प्रिंस और रौशन के संपर्क में आया था। जिस कार से छात्रा को ले गए, वो राजू के मामा की निकली गैंगरेप की घटना में इस्तेमाल कार को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जिस टाटा पंच कार को जब्त किया है, वो राजू के मामा कौशल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरोप है कि इसी कार से छात्रा को उसके गांव से उठाया गया और करीब 35 किलोमीटर दूर ले जाया गया। इसके बाद सुनसान स्थान पर घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय कार कौन चला रहा था और आरोपियों ने छात्रा को किस स्थान से उठाया और उसे किस रास्ते से ले जाया गया। गांव के लोगों के मुताबिक, गैंगरेप का तीसरा आरोपी इंटरमीडिएट का छात्र रौशन कार चलाने का शौकीन था। राजू को कहीं जाना होता था, तो रौशन ही उसके साथ कार चलाकर जाता था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लोकेशन, कॉल डिटेल और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। कार की बरामदगी पुलिस के लिए जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी जा रही है। हालांकि, कार का इस्तेमाल किस तरह हुआ और घटना में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया से ही होगा। दूसरा आरोपी प्रिंस माता-पिता का इकलौता बेटा है मामले में नामजद दूसरा आरोपी प्रिंस कुमार सामान्य परिवार से आता है। ग्रामीणों के अनुसार, उसके पिता नरेश सिंह प्राइवेट जॉब करते हैं। प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी पिछले वर्ष हो चुकी है। बताया जाता है कि प्रिंस फिलहाल ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था। माता-पिता उसके लिए शादी की तैयारी कर रहे थे। एक लड़की से उसका रिश्ता तय हो गया था, लेकिन गैंगरेप की घटना के बाद लड़की वालों ने रिश्ता तोड़ दिया। प्रिंस के माता-पिता को अब इस बात की चिंता है कि आखिर उनके इकलौते बेटे का क्या भविष्य होगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रिंस का इससे पहले कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर प्रिंस मुख्य आरोपी राजू और रौशन के संपर्क में कैसे आया और घटना की योजना में उसकी भूमिका क्या थी। ट्रक ड्राइवर का बेटा है तीसरा आरोपी रौशन तीसरा आरोपी रौशन कुमार सिंह गांव के ही कौशल सिंह का बेटा है। कौशल सिंह ट्रक ड्राइवर हैं और काम के सिलसिले में दूसरे स्थान पर रहते हैं। रौशन इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर चुका है। ग्रामीणों के अनुसार उसका भी पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से तीनों युवक साथ-साथ रह रहे थे और अक्सर एक साथ दिखाई देते थे। इसी वजह से पुलिस अब इनके आपसी संबंध और घटना से पहले की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। चार-पांच साल पहले गांव में आई थी छात्रा, हरियाणा में रहती थी फैमिली पीड़िता गांव के ही मध्य विद्यालय में आठवीं कक्षा की छात्रा है। ग्रामीणों के अनुसार, उसका परिवार मूल रूप से कुछ वर्ष पहले तक हरियाणा में रहता था। करीब चार-पांच साल पहले परिवार गांव में आकर रहने लगा। इसके बाद छात्रा की पढ़ाई गांव के स्कूल में शुरू हुई। वहीं, घटना में इस्तेमाल कार जब्त किए जाने के साथ ही पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच का अहम हिस्सा यह भी है कि छात्रा को किस तरह कार में बैठाया गया, आरोपी उसे कहां ले गए और वहां घटना के बाद वापस किस रास्ते से लौटे। नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई कर रही है। “राजू दिल्ली में एक मर्डर कर चुका है, अब उसने 8वीं क्लास की लड़की के साथ रेप किया। वह शुरू से ही बदमाश टाइप का लड़का था। हालांकि, गांव में उसके परिवार की इज्जत काफी है, लेकिन उसने परिवार की इज्जत को मिट्टी में मिला दिया।” औरंगाबाद में नाबालिग से गैंगरेप के मुख्य आरोपी राजू के गांव ढिबरा के रहने वाले अजय ने दैनिक भास्कर को उसके बारे में जानकारी दी। दरअसल, औरंगाबाद के कुटुंबा की 8वीं कक्षा की छात्रा के साथ गैंगरेप करने वाले तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। दैनिक भास्कर ने आरोपियों के गांव जाकर उनके बारे में जानकारी हासिल की। गैंगरेप के तीनों आरोपियों की क्या कहानी है? तीनों के बीच कैसे दोस्ती हुई? तीनों ने मिलकर कैसे नाबालिग से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले कुछ तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, तीनों आरोपियों के बारे में… 8वीं क्लास की लड़की से रेप का मुख्य आरोपी हत्याकांड में शामिल रहा है। दिल्ली में प्राइवेट जॉब के दौरान विवाद में अपने सहकर्मी की लोहे के रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हालांकि, मृतक के परिजन और आरोपी के बीच सुलह हो गई थी। हत्या की घटना पिछले साल की है। वहीं, गैंगरेप मामले का दूसरा आरोपी ग्रेजुएशन, जबकि तीसरा आरोपी इंटरमीडिएट का स्टूडेंट है। दूसरे आरोपी की शादी होने वाली थी, लेकिन गैंगरेप की घटना की जानकारी के बाद लड़की पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया है। पुलिस और गांव के लोगों के मुताबिक, तीनों आरोपी पिछले एक साल से ही एक साथ दिखते थे। तीनों के बीच दोस्ती कैसे हुई, क्या तीनों ने मिलकर पहले भी किसी घटना को अंजाम दिया है, इस संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है। मुख्य आरोपी की पहचान 28 साल के राजू कुमार सिंह उर्फ झुन्नू, दूसरे आरोपी की पहचान 25 साल के प्रिंस और तीसरे आरोपी की पहचान 20 साल के रौशन के रूप में हुई है। सबसे पहले गैंगरेप के मुख्य आरोपी राजू कुमार सिंह की कहानी ग्रामीण अजय ने बताया कि मुख्य आरोपी राजू कुमार सिंह उर्फ झुन्नू मूल रूप से कुटुंबा थाना क्षेत्र के ढिबरा गांव का रहने वाला है। उसके पिता विजय सिंह की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी है। बताया जाता है कि विजय सिंह को गांव में संपत्ति दान में मिली थी और इसके बाद उनका परिवार वहीं रहने लगा। परिवार के अन्य सदस्य भी इसी इलाके में रहते हैं। राजू दो भाइयों में छोटा है। उसका बड़ा भाई किसी कंपनी में प्राइवेट जॉब करता है। ग्रामीणों के अनुसार, राजू कुछ साल पहले दिल्ली में प्राइवेट जॉब करने गया था। वहां किसी बात को लेकर उसका अपने एक सहकर्मी से विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान राजू ने सहकर्मी की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने राजू को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद उसे मामले से राहत मिलने की बात ग्रामीणों ने बताई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस रिकॉर्ड और न्यायालयीन दस्तावेज ही अंतिम तथ्य माने जाएंगे। पिछले करीब एक साल से राजू गांव में ही रह रहा था। इसी दौरान वो गांव के ही दो अन्य युवकों प्रिंस और रौशन के संपर्क में आया था। जिस कार से छात्रा को ले गए, वो राजू के मामा की निकली गैंगरेप की घटना में इस्तेमाल कार को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जिस टाटा पंच कार को जब्त किया है, वो राजू के मामा कौशल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरोप है कि इसी कार से छात्रा को उसके गांव से उठाया गया और करीब 35 किलोमीटर दूर ले जाया गया। इसके बाद सुनसान स्थान पर घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय कार कौन चला रहा था और आरोपियों ने छात्रा को किस स्थान से उठाया और उसे किस रास्ते से ले जाया गया। गांव के लोगों के मुताबिक, गैंगरेप का तीसरा आरोपी इंटरमीडिएट का छात्र रौशन कार चलाने का शौकीन था। राजू को कहीं जाना होता था, तो रौशन ही उसके साथ कार चलाकर जाता था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लोकेशन, कॉल डिटेल और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। कार की बरामदगी पुलिस के लिए जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी जा रही है। हालांकि, कार का इस्तेमाल किस तरह हुआ और घटना में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया से ही होगा। दूसरा आरोपी प्रिंस माता-पिता का इकलौता बेटा है मामले में नामजद दूसरा आरोपी प्रिंस कुमार सामान्य परिवार से आता है। ग्रामीणों के अनुसार, उसके पिता नरेश सिंह प्राइवेट जॉब करते हैं। प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी पिछले वर्ष हो चुकी है। बताया जाता है कि प्रिंस फिलहाल ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था। माता-पिता उसके लिए शादी की तैयारी कर रहे थे। एक लड़की से उसका रिश्ता तय हो गया था, लेकिन गैंगरेप की घटना के बाद लड़की वालों ने रिश्ता तोड़ दिया। प्रिंस के माता-पिता को अब इस बात की चिंता है कि आखिर उनके इकलौते बेटे का क्या भविष्य होगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रिंस का इससे पहले कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर प्रिंस मुख्य आरोपी राजू और रौशन के संपर्क में कैसे आया और घटना की योजना में उसकी भूमिका क्या थी। ट्रक ड्राइवर का बेटा है तीसरा आरोपी रौशन तीसरा आरोपी रौशन कुमार सिंह गांव के ही कौशल सिंह का बेटा है। कौशल सिंह ट्रक ड्राइवर हैं और काम के सिलसिले में दूसरे स्थान पर रहते हैं। रौशन इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर चुका है। ग्रामीणों के अनुसार उसका भी पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से तीनों युवक साथ-साथ रह रहे थे और अक्सर एक साथ दिखाई देते थे। इसी वजह से पुलिस अब इनके आपसी संबंध और घटना से पहले की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। चार-पांच साल पहले गांव में आई थी छात्रा, हरियाणा में रहती थी फैमिली पीड़िता गांव के ही मध्य विद्यालय में आठवीं कक्षा की छात्रा है। ग्रामीणों के अनुसार, उसका परिवार मूल रूप से कुछ वर्ष पहले तक हरियाणा में रहता था। करीब चार-पांच साल पहले परिवार गांव में आकर रहने लगा। इसके बाद छात्रा की पढ़ाई गांव के स्कूल में शुरू हुई। वहीं, घटना में इस्तेमाल कार जब्त किए जाने के साथ ही पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच का अहम हिस्सा यह भी है कि छात्रा को किस तरह कार में बैठाया गया, आरोपी उसे कहां ले गए और वहां घटना के बाद वापस किस रास्ते से लौटे। नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।  

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