दालमंडी में भूमि-पूजन के बाद मुस्लिम भाइयों ने की दुआख्वानी:बांटी एक दूसरे को मिठाई, बोले – दालमंडी से टले ये दुःख के दिन, जल्द बने नया बाजार

दालमंडी में भूमि-पूजन के बाद मुस्लिम भाइयों ने की दुआख्वानी:बांटी एक दूसरे को मिठाई, बोले – दालमंडी से टले ये दुःख के दिन, जल्द बने नया बाजार

वाराणसी दालमंडी में प्रोजेक्ट का भूमि पूजन रविवार को विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने किया। इस दौरान शहर दक्षिणी विधानसभा के सभी पार्षद मौके पर मौजूद रहे। भूमि पूजन के बाद लोगों में मिठाई भी बांटी गयी। वहीं दालमंडी में वहां के निवासियों और दुकानदारों ने भी मस्जिद में बाद नमाजे जोहर दुआख्वानी और कुरानख्वानी करवाई और एक-दूसरे को मिठाई बांट कर खुशी का इजहार किया। इस दौरान मुस्लिम भाइयों ने कहा – आज हम लोगों ने भी दुआख्वानी कर यहां की सभी आफत और दिक्कतों को टालने के लिए खुदा की बारगाह में दुआ किया और मिठाई बांटी है ताकि जल्द से जल्द यह मार्केट का रास्ता बन जाए और हम दोबारा बिजनेस कर सकें। देखें तस्वीरें…
दालमंडी से दूर हो दिक्कत और परेशानी, इसलिए हुई दुआख्वानी आदिल खान ने बताया – आज 9 अगस्त है। इसके पहले भी हमने दालमंडी के लिए कुरानख्वानी करवाई थी। आज हम लोगों ने कुरानख्वानी के साथ ही साथ दुआख्वानी करवाई है। क्योंकि आज 9 महीने से दालमंडी के रहने वाले परेशान थे। आफत और परेशानी थी। उसे दालमंडी से बाहर करने के लिए आज अल्लाह की बारगाह में दुआ की गई है। हमारी दालमंडी पर अब बुरा साया न पड़े। हमारे दालमंडी के लिए कई महीने से परेशान और डिस्टर्ब थे। उसकी वजह से आज हम लोगों ने दुआख्वानी करवाई है। उसके बाद मिठाई बांटी है। एक तरफ अजान होती, एक तरफ शंख बजता है आदिल खान ने बताया – यह दालमंडी और काशी गंगा जमुनी तहजीब का मरकज है। एक तरफ जहां अजान होती है तो दूसरी तरफ शंख बजता है। इसी का नाम काशी और दालमंडी है। हम लोग हमेशा से यहां एकजुट होकर रहा करते थे लेकिन आज इस प्रोजेक्ट से हमें अलग करने की साजिश की जा रही है। जिस तरह से तोड़फोड़ हुई उससे हमारे हिन्दू भाई यहां से चले गए। सिर्फ मुस्लिम है बचे हैं यहां।

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