हाथरस में मेला श्री दाऊजी महाराज के विशाल पंडाल में देर रात अखिल भारतीय ब्रजभाषा कवि सम्मेलन हुआ। यह कवि सम्मेलन ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि पंडित सुरेश चतुर्वेदी की याद में आयोजित किया गया था। इस दौरान काका हाथरसी को भी श्रद्धांजलि दी गई। भोर की पहली किरण तक है कवि सम्मेलन चला। अलग-अलग शहरों और राज्यों से आए कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। यह कवि सम्मेलन सुबह की पहली किरण तक चला। उप जिलाधिकारी सदर राज बहादुर ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियों पर पंडाल में खूब ठहाके लगे। वहीं, वीर रस की रचनाओं ने माहौल में जोश भर दिया। श्रोताओं ने तालियों और वाह-वाह कर कवियों का उत्साह बढ़ाया। इस कवि सम्मेलन में चेन्नई से कवयित्री आरती गौड़ ‘मदरासी’, अलीगढ़ से पूनम शर्मा और रेनू उपाध्याय, राजस्थान से हास्य कवि डॉ. भगवान मकरंद और रामबाबू सिकरवार, अलीगढ़ से कुंवरपाल उपाध्याय, मथुरा से गोपाल चतुर्वेदी कई कवियों ने काव्य पाठ किया आगरा से वीर रस के कवि मोहित सक्सेना, चच्चा उदयभानी, अक्षय चतुर्वेदी, गाफिल स्वामी और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मुरारी लाल सहित कई कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में भाजपा सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी, पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह गुड्डू, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, कार्यक्रम आयोजक अनिल शर्मा बौहरे, सादाबाद के जयप्रकाश पचौरी और सेवा भारती अध्यक्ष चेतन प्रकाश उपाध्याय जैसे कई खास लोग और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कवि सम्मेलन की रौनक बनाए कवियों की प्रस्तुतियां सुबह की पहली किरण तक चलती रहीं। काका हाथरसी की नगरी में हास्य, व्यंग्य, वीर रस और काव्य की दूसरी विधाओं का रंग एक साथ देखने को मिला। श्रोताओं की लगातार मौजूदगी और तालियों ने देर रात तक कवि सम्मेलन की रौनक बनाए रखी।

