Telangana High Court: दलबदल विरोधी कानून को लेकर तेलंगाना हाई कोर्ट की एक डिवीजन ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए खैरताबाद के विधायक दानम नागेंद्र को उनके निर्वाचन की तिथि से ही अयोग्य घोषित कर दिया है। चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की बेंच ने यह आदेश पारित करते हुए खैरताबाद विधानसभा सीट को तुरंत प्रभाव से खाली घोषित कर दिया। कोर्ट ने दानम नागेंद्र की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी।
बीजेपी और बीआरएस विधायकों ने दायर की थी याचिका
यह फैसला बीजेपी विधायक दल के नेता आलेती महेश्वर रेड्डी और हुजुराबाद से बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर आया है। दोनों नेताओं ने विधानसभा स्पीकर जी. प्रसाद कुमार के फैसले को चुनौती दी थी, जिन्होंने पहले दानम नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया था। स्पीकर के फैसले को पलटते हुए हाई कोर्ट ने दलबदल विरोधी प्रावधानों के तहत दानम नागेंद्र की सदस्यता खत्म कर दी।
बीआरएस से जीतने के बाद कांग्रेस से लड़ा चुनाव
दानम नागेंद्र 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावों में बीआरएस टिकट पर खैराताबाद निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद, वे कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और 2024 के लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि वे लोकसभा चुनाव हार गए।
दानम नागेंद्र के कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ने के फैसले के कारण ही उनके खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि अगर कोई विधायक अपनी मूल पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद किसी दूसरी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ता है, तो यह उसकी राजनीतिक निष्ठा बदलने का संकेत है।
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