सीवान में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना के बाद पुलिस प्रशासन के अलर्ट रहने के दावों के बीच अपराधियों ने दरौंदा थाना क्षेत्र में बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। शुक्रवार की आधी रात रामगढ़ा बीचला टोला में चार से पांच हथियारबंद अपराधियों ने एक ही परिसर में स्थित दो सगे भाइयों के घरों को निशाना बनाया। अपराधी परिवार के सदस्यों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर पांच लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के गहने और करीब 15 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत है, वहीं पुलिस की रात्रि गश्ती और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… खिड़की तोड़कर घर में घुसे हथियारबंद अपराधी जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12 बजे स्व. रामदर्शन सिंह के पुत्र संजय सिंह के घर के दक्षिण दिशा में स्थित खिड़की तोड़कर चार से पांच हथियारबंद अपराधी आंगन में घुस गए। आहट सुनकर संजय सिंह ने जैसे ही दरवाजा खोला, अपराधियों ने उन्हें, उनकी पत्नी रीता देवी और एक बच्चे को हथियार के बल पर बंधक बना लिया। विरोध करने या शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी गई। पांच लाख के गहने और 15 हजार नकद लूटे परिजनों को बंधक बनाने के बाद अपराधियों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी समेट ली। पीड़ित परिवार के अनुसार, लूटे गए गहनों की कीमत पांच लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा अपराधी करीब 15 हजार रुपये नकद भी ले गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। बड़े भाई के बंद घर का ताला तोड़कर भी लूटपाट अपराधियों ने इसी परिसर में स्थित संजय सिंह के बड़े भाई स्व. राजू सिंह के बंद घर को भी निशाना बनाया। घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे अपराधियों ने वहां भी लूटपाट की। स्व. राजू सिंह की पुत्री बिहार पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां उसी घर में रहती हैं। घटना के समय घर बंद था। रात में पहुंची डायल 112 की टीम, पुलिस ने की जांच वारदात की सूचना मिलने पर रात में ही डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। शनिवार को दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और पीड़ित परिवार से पूछताछ की। थानाध्यक्ष ने बताया कि संजय सिंह के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डिजिटल साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की रात्रि गश्ती पर उठे सवाल पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता पर विशेष नजर थी। इसी बीच हथियारबंद अपराधियों ने आधी रात को एक ही परिसर में दो घरों में लूटपाट कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अब पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और लूटे गए सामान की बरामदगी की चुनौती है। हालांकि, इस वारदात के दौरान पुलिस गश्ती की स्थिति और अपराधियों के आने-जाने के रास्ते को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सीवान में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना के बाद पुलिस प्रशासन के अलर्ट रहने के दावों के बीच अपराधियों ने दरौंदा थाना क्षेत्र में बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। शुक्रवार की आधी रात रामगढ़ा बीचला टोला में चार से पांच हथियारबंद अपराधियों ने एक ही परिसर में स्थित दो सगे भाइयों के घरों को निशाना बनाया। अपराधी परिवार के सदस्यों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर पांच लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के गहने और करीब 15 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत है, वहीं पुलिस की रात्रि गश्ती और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… खिड़की तोड़कर घर में घुसे हथियारबंद अपराधी जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12 बजे स्व. रामदर्शन सिंह के पुत्र संजय सिंह के घर के दक्षिण दिशा में स्थित खिड़की तोड़कर चार से पांच हथियारबंद अपराधी आंगन में घुस गए। आहट सुनकर संजय सिंह ने जैसे ही दरवाजा खोला, अपराधियों ने उन्हें, उनकी पत्नी रीता देवी और एक बच्चे को हथियार के बल पर बंधक बना लिया। विरोध करने या शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी गई। पांच लाख के गहने और 15 हजार नकद लूटे परिजनों को बंधक बनाने के बाद अपराधियों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी समेट ली। पीड़ित परिवार के अनुसार, लूटे गए गहनों की कीमत पांच लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा अपराधी करीब 15 हजार रुपये नकद भी ले गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। बड़े भाई के बंद घर का ताला तोड़कर भी लूटपाट अपराधियों ने इसी परिसर में स्थित संजय सिंह के बड़े भाई स्व. राजू सिंह के बंद घर को भी निशाना बनाया। घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे अपराधियों ने वहां भी लूटपाट की। स्व. राजू सिंह की पुत्री बिहार पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां उसी घर में रहती हैं। घटना के समय घर बंद था। रात में पहुंची डायल 112 की टीम, पुलिस ने की जांच वारदात की सूचना मिलने पर रात में ही डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। शनिवार को दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और पीड़ित परिवार से पूछताछ की। थानाध्यक्ष ने बताया कि संजय सिंह के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डिजिटल साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की रात्रि गश्ती पर उठे सवाल पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता पर विशेष नजर थी। इसी बीच हथियारबंद अपराधियों ने आधी रात को एक ही परिसर में दो घरों में लूटपाट कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अब पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और लूटे गए सामान की बरामदगी की चुनौती है। हालांकि, इस वारदात के दौरान पुलिस गश्ती की स्थिति और अपराधियों के आने-जाने के रास्ते को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

