दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में डॉ. धर्माश:कहा- युवा और महिलाओं का मिल रहा समर्थन, सभी दलों के लोग दे रहे सम्मान

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में डॉ. धर्माश:कहा- युवा और महिलाओं का मिल रहा समर्थन, सभी दलों के लोग दे रहे सम्मान

समस्तीपुर के शिक्षाविद डॉ. धर्माश रंजन उर्फ अंकुर दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, सभी दलों के लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। डॉ. धर्माश रंजन ने मंगलवार शाम संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपने विजन और प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। यदि वह निर्वाचित होते हैं तो क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास करेंगे, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। ‘कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे’ डॉ. रंजन ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवा रोजगार की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। डॉ. रंजन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी होगा प्रयास डॉ. रंजन ने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपस्करों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रहे हैं। उनके माता-पिता ने भी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार लोगों की सेवा की है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। इस मौके पर डॉ. धर्माश रंजन की पत्नी दीप माला रंजन ने कहा कि सरकार के तमाम दावों के बावजूद महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। रात के समय महिलाएं घर से अकेले निकलने में भी असहज महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और बेरोजगारी दूर करना डॉ. धर्माश रंजन की प्राथमिकताओं में शामिल होगा। समस्तीपुर के शिक्षाविद डॉ. धर्माश रंजन उर्फ अंकुर दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, सभी दलों के लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। डॉ. धर्माश रंजन ने मंगलवार शाम संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपने विजन और प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। यदि वह निर्वाचित होते हैं तो क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास करेंगे, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। ‘कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे’ डॉ. रंजन ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवा रोजगार की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। डॉ. रंजन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी होगा प्रयास डॉ. रंजन ने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपस्करों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रहे हैं। उनके माता-पिता ने भी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार लोगों की सेवा की है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। इस मौके पर डॉ. धर्माश रंजन की पत्नी दीप माला रंजन ने कहा कि सरकार के तमाम दावों के बावजूद महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। रात के समय महिलाएं घर से अकेले निकलने में भी असहज महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और बेरोजगारी दूर करना डॉ. धर्माश रंजन की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।  

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