दरभंगा- सरकारी तालाब में मिट्टी भरकर भवन निर्माण का आरोप:जांच में 6.80 डिसमिल भूमि अतिक्रमित मिली, सरकारी अभिलेख में बिहार सरकार के नाम दर्ज

दरभंगा- सरकारी तालाब में मिट्टी भरकर भवन निर्माण का आरोप:जांच में 6.80 डिसमिल भूमि अतिक्रमित मिली, सरकारी अभिलेख में बिहार सरकार के नाम दर्ज

दरभंगा के मनीगाछी अंचल क्षेत्र की गंगौली कनकपुर पंचायत के गंगौली राजस्व गांव में सरकारी तालाब की कथित अवैध जमाबंदी कराए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में अनाबाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज तालाब की जमीन को मिट्टी से भरकर भवन निर्माण किए जाने की शिकायत स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से की है। मामले को लेकर स्थानीय निवासी दिनेश मंडल ने जिलाधिकारी समेत अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुराने-नए सर्वे में बिहार सरकार के नाम दर्ज होने का दावा डीएम को दिए आवेदन के मुताबिक, उक्त जमीन का पुराना खाता नंबर 389, खेसरा नंबर 1794 तथा नए सर्वे में खाता नंबर 978 और खेसरा नंबर 2588 है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुराने एवं नए सर्वे के खतियान में जमीन अनाबाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज है। आरोप है कि सरकारी जमीन की निजी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी किए जाने की प्रक्रिया के तहत वर्ष 2001 में उक्त जमीन की जमाबंदी बलदेव मंडल के नाम से कर दी गई। तालाब को मिट्टी से भरकर भवन बनाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, सरकारी तालाब की जमीन को मिट्टी से भरकर वहां पक्का भवन बनाने का काम शुरू किए जाने के बाद मामला स्थानीय लोगों के संज्ञान में आया। तालाब को भरने और निर्माण कार्य किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एक ओर जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी अभिलेखों में दर्ज तालाब की जमीन की जमाबंदी निजी व्यक्ति के नाम किए जाने के बाद उसे भरकर निर्माण कराया जा रहा है। एसडीओ के निर्देश पर हुई स्थल जांच मामले में दिए गए आवेदन पर संज्ञान लेते हुए सदर एसडीओ, दरभंगा ने पत्रांक 914, दिनांक 5 अगस्त 2026 के माध्यम से मनीगाछी के अंचलाधिकारी को स्थल जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अंचल अमीन द्वारा संबंधित जमीन की स्थलीय मापी और जांच की गई। जांच के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में करीब 6.80 डिसमिल भूमि को सरकारी तालाब की अतिक्रमित भूमि के रूप में चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है। अभिलेखों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई इस संबंध में मनीगाछी अंचलाधिकारी भाग्यश्री राज ने बताया, ‘अभिलेख के अनुसार मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। अब प्रशासनिक स्तर पर अभिलेखों की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही सरकारी भूमि की जमाबंदी से जुड़े मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।’ दरभंगा के मनीगाछी अंचल क्षेत्र की गंगौली कनकपुर पंचायत के गंगौली राजस्व गांव में सरकारी तालाब की कथित अवैध जमाबंदी कराए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में अनाबाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज तालाब की जमीन को मिट्टी से भरकर भवन निर्माण किए जाने की शिकायत स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से की है। मामले को लेकर स्थानीय निवासी दिनेश मंडल ने जिलाधिकारी समेत अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुराने-नए सर्वे में बिहार सरकार के नाम दर्ज होने का दावा डीएम को दिए आवेदन के मुताबिक, उक्त जमीन का पुराना खाता नंबर 389, खेसरा नंबर 1794 तथा नए सर्वे में खाता नंबर 978 और खेसरा नंबर 2588 है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुराने एवं नए सर्वे के खतियान में जमीन अनाबाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज है। आरोप है कि सरकारी जमीन की निजी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी किए जाने की प्रक्रिया के तहत वर्ष 2001 में उक्त जमीन की जमाबंदी बलदेव मंडल के नाम से कर दी गई। तालाब को मिट्टी से भरकर भवन बनाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, सरकारी तालाब की जमीन को मिट्टी से भरकर वहां पक्का भवन बनाने का काम शुरू किए जाने के बाद मामला स्थानीय लोगों के संज्ञान में आया। तालाब को भरने और निर्माण कार्य किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एक ओर जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी अभिलेखों में दर्ज तालाब की जमीन की जमाबंदी निजी व्यक्ति के नाम किए जाने के बाद उसे भरकर निर्माण कराया जा रहा है। एसडीओ के निर्देश पर हुई स्थल जांच मामले में दिए गए आवेदन पर संज्ञान लेते हुए सदर एसडीओ, दरभंगा ने पत्रांक 914, दिनांक 5 अगस्त 2026 के माध्यम से मनीगाछी के अंचलाधिकारी को स्थल जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अंचल अमीन द्वारा संबंधित जमीन की स्थलीय मापी और जांच की गई। जांच के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में करीब 6.80 डिसमिल भूमि को सरकारी तालाब की अतिक्रमित भूमि के रूप में चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है। अभिलेखों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई इस संबंध में मनीगाछी अंचलाधिकारी भाग्यश्री राज ने बताया, ‘अभिलेख के अनुसार मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। अब प्रशासनिक स्तर पर अभिलेखों की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही सरकारी भूमि की जमाबंदी से जुड़े मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।’  

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