मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र में सार्वजनिक जगह पर आपत्तिजनक बातें लिखे जाने का मामला सामने आया है। नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में बने गांधी संग्रहालय की दीवार पर अज्ञात लोगों ने भड़काऊ और आपत्तिजनक बातें लिख दी हैं। दीवार पर ‘RSS एक आतंकवादी संगठन है’ समेत कई आपत्तिजनक शब्द लिखे गए हैं। सुबह स्थानीय लोगों की नजर दीवार पर लिखी इन बातों पर पड़ी। इसके बाद लोगों में नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी संग्रहालय एक प्रतिष्ठित जगह है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे स्थान की दीवार पर इस तरह की बातें लिखे जाने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। लोगों ने साजिश की आशंका जताई स्थानीय लोगों ने दीवार पर आपत्तिजनक बातें लिखे जाने को साजिश बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि इसके पीछे कौन लोग हैं। दीवार साफ कराने और कार्रवाई की मांग लोगों ने प्रशासन से दीवार पर लिखे आपत्तिजनक शब्दों को तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दीवार पर ये बातें किसने और कब लिखीं। मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दीवार पर लिखने वालों की पहचान कैसे हुई और घटना के पीछे क्या वजह थी। मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र में सार्वजनिक जगह पर आपत्तिजनक बातें लिखे जाने का मामला सामने आया है। नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में बने गांधी संग्रहालय की दीवार पर अज्ञात लोगों ने भड़काऊ और आपत्तिजनक बातें लिख दी हैं। दीवार पर ‘RSS एक आतंकवादी संगठन है’ समेत कई आपत्तिजनक शब्द लिखे गए हैं। सुबह स्थानीय लोगों की नजर दीवार पर लिखी इन बातों पर पड़ी। इसके बाद लोगों में नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी संग्रहालय एक प्रतिष्ठित जगह है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे स्थान की दीवार पर इस तरह की बातें लिखे जाने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। लोगों ने साजिश की आशंका जताई स्थानीय लोगों ने दीवार पर आपत्तिजनक बातें लिखे जाने को साजिश बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि इसके पीछे कौन लोग हैं। दीवार साफ कराने और कार्रवाई की मांग लोगों ने प्रशासन से दीवार पर लिखे आपत्तिजनक शब्दों को तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दीवार पर ये बातें किसने और कब लिखीं। मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दीवार पर लिखने वालों की पहचान कैसे हुई और घटना के पीछे क्या वजह थी।

