दरभंगा में ट्रेनों में यात्रियों के सामान चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ रेलवे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ, जीआरपी और अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। 29 अक्टूबर को दरभंगा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-एक पर की गई कार्रवाई में आरोपितों के पास से 51,200 रुपये नकद, विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.25 लाख रुपये बताई गई है।
समस्तीपुर रेल पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद आदिल बिलाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि ट्रेन संख्या 13043 हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस में यात्रियों के सामान चोरी करने वाले संदिग्धों के सफर करने की सूचना मिली थी। इसके बाद आरपीएफ समस्तीपुर ने निगरानी शुरू की। सूचना के आधार पर आरपीएफ दरभंगा, सीआईबी समस्तीपुर और जीआरपी दरभंगा की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-एक पर घेराबंदी कर पांचों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नकदी, मोबाइल, आभूषण समेत अन्य सामान बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अजीत सिंह सांसी, बंटी सांसी, जगदीश चन्द्र सांसी, विजय सांसी और राकेश सांसी के रूप में हुई है। सभी हरियाणा के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपितों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच में तीन के खिलाफ पूर्व से आपराधिक इतिहास की जानकारी मिली है। अन्य आरोपितों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
मदद के बहाने यात्रियों को बनाते थे निशाना रेल पुलिस उपाधीक्षक के मुताबिक, गिरोह के सदस्य ट्रेनों और रेलवे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को निशाना बनाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य यात्रियों को सामान चढ़ाने-उतारने या मदद करने का झांसा देकर उनका ध्यान भटकाते थे। इसी दौरान दूसरे सदस्य बैग की चेन खोलकर या बैग काटकर उसमें रखे नकद रुपये, आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य मौके से फरार हो जाते थे। इस मामले में जीआरपी थाना दरभंगा में कांड संख्या 131/2026, दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 417(5), 417(4) और 111 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस बरामद सामान के स्रोत, गिरोह की अन्य घटनाओं में संलिप्तता और इसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। संयुक्त टीम में ये अधिकारी रहे शामिल कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट समस्तीपुर के सहायक उपनिरीक्षक शशिकांत तिवारी, प्रधान आरक्षी राधेश्याम और आरक्षी तारुण सिंह, सीआईबी समस्तीपुर के प्रधान आरक्षी संतोष कुमार झा एवं आरक्षी दीपक कुमार रजक तथा आरपीएफ पोस्ट दरभंगा के निरीक्षक प्रभारी पुखराज मीणा, सहायक उपनिरीक्षक वरुण कुमार, अमित कुमार और आरक्षी सुभाष चन्द्र की अहम भूमिका रही। वहीं जीआरपी थानाध्यक्ष किंग कुंदन के नेतृत्व में उनकी टीम ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। रेलवे पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रखने की बात कही है। दरभंगा में ट्रेनों में यात्रियों के सामान चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ रेलवे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ, जीआरपी और अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। 29 अक्टूबर को दरभंगा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-एक पर की गई कार्रवाई में आरोपितों के पास से 51,200 रुपये नकद, विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.25 लाख रुपये बताई गई है।
समस्तीपुर रेल पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद आदिल बिलाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि ट्रेन संख्या 13043 हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस में यात्रियों के सामान चोरी करने वाले संदिग्धों के सफर करने की सूचना मिली थी। इसके बाद आरपीएफ समस्तीपुर ने निगरानी शुरू की। सूचना के आधार पर आरपीएफ दरभंगा, सीआईबी समस्तीपुर और जीआरपी दरभंगा की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-एक पर घेराबंदी कर पांचों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नकदी, मोबाइल, आभूषण समेत अन्य सामान बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अजीत सिंह सांसी, बंटी सांसी, जगदीश चन्द्र सांसी, विजय सांसी और राकेश सांसी के रूप में हुई है। सभी हरियाणा के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपितों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच में तीन के खिलाफ पूर्व से आपराधिक इतिहास की जानकारी मिली है। अन्य आरोपितों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
मदद के बहाने यात्रियों को बनाते थे निशाना रेल पुलिस उपाधीक्षक के मुताबिक, गिरोह के सदस्य ट्रेनों और रेलवे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को निशाना बनाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य यात्रियों को सामान चढ़ाने-उतारने या मदद करने का झांसा देकर उनका ध्यान भटकाते थे। इसी दौरान दूसरे सदस्य बैग की चेन खोलकर या बैग काटकर उसमें रखे नकद रुपये, आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य मौके से फरार हो जाते थे। इस मामले में जीआरपी थाना दरभंगा में कांड संख्या 131/2026, दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 417(5), 417(4) और 111 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस बरामद सामान के स्रोत, गिरोह की अन्य घटनाओं में संलिप्तता और इसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। संयुक्त टीम में ये अधिकारी रहे शामिल कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट समस्तीपुर के सहायक उपनिरीक्षक शशिकांत तिवारी, प्रधान आरक्षी राधेश्याम और आरक्षी तारुण सिंह, सीआईबी समस्तीपुर के प्रधान आरक्षी संतोष कुमार झा एवं आरक्षी दीपक कुमार रजक तथा आरपीएफ पोस्ट दरभंगा के निरीक्षक प्रभारी पुखराज मीणा, सहायक उपनिरीक्षक वरुण कुमार, अमित कुमार और आरक्षी सुभाष चन्द्र की अहम भूमिका रही। वहीं जीआरपी थानाध्यक्ष किंग कुंदन के नेतृत्व में उनकी टीम ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। रेलवे पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रखने की बात कही है।

