सुपौल के जदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बघेली पंचायत के वार्ड नंबर 13 निवासी करीब 23 वर्षीय मो. शाहिद खान की तमिलनाडु में अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। शाहिद परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग करने के लिए तमिलनाडु में रहकर एक टी-शर्ट कंपनी में मजदूरी करता था। उसकी अचानक मौत की खबर मिलते ही पैतृक गांव में मातम पसर गया। 30 अगस्त की शाम अचानक बिगड़ी तबीयत परिजनों के अनुसार, 30 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे तमिलनाडु में अचानक शाहिद की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में मौजूद परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने शव को तमिलनाडु से पैतृक गांव लाने की व्यवस्था की। शव पहुंचते ही परिजनों में मची चीख-पुकार शाहिद का शव बघेली स्थित उसके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग भी शोक संतप्त परिवार को ढांढस देने के लिए घर पहुंचे। गमगीन माहौल में किया गया अंतिम संस्कार बुधवार सुबह गमगीन माहौल में शाहिद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए। असमय मौत से परिवार के सामने संकट स्थानीय प्रतिनिधि अब्दुल रहमान ने बताया कि शाहिद कम उम्र में ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने के लिए तमिलनाडु गया था।
वहां वह टी-शर्ट कंपनी में मजदूरी कर परिवार की मदद करता था। अचानक उसकी मौत से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। युवक की असमय मौत से पूरे बघेली गांव में शोक का माहौल है। सुपौल के जदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बघेली पंचायत के वार्ड नंबर 13 निवासी करीब 23 वर्षीय मो. शाहिद खान की तमिलनाडु में अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। शाहिद परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग करने के लिए तमिलनाडु में रहकर एक टी-शर्ट कंपनी में मजदूरी करता था। उसकी अचानक मौत की खबर मिलते ही पैतृक गांव में मातम पसर गया। 30 अगस्त की शाम अचानक बिगड़ी तबीयत परिजनों के अनुसार, 30 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे तमिलनाडु में अचानक शाहिद की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में मौजूद परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने शव को तमिलनाडु से पैतृक गांव लाने की व्यवस्था की। शव पहुंचते ही परिजनों में मची चीख-पुकार शाहिद का शव बघेली स्थित उसके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग भी शोक संतप्त परिवार को ढांढस देने के लिए घर पहुंचे। गमगीन माहौल में किया गया अंतिम संस्कार बुधवार सुबह गमगीन माहौल में शाहिद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए। असमय मौत से परिवार के सामने संकट स्थानीय प्रतिनिधि अब्दुल रहमान ने बताया कि शाहिद कम उम्र में ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने के लिए तमिलनाडु गया था।
वहां वह टी-शर्ट कंपनी में मजदूरी कर परिवार की मदद करता था। अचानक उसकी मौत से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। युवक की असमय मौत से पूरे बघेली गांव में शोक का माहौल है।

