तमिलनाडु की 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का स्टे बढ़ा, मद्रास हाईकोर्ट ने 8 सितंबर तक लगाई रोक

तमिलनाडु की 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का स्टे बढ़ा, मद्रास हाईकोर्ट ने 8 सितंबर तक लगाई रोक

Tamil Nadu Assembly Bypolls: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने को लेकर जारी अंतरिम रोक को 8 सितंबर तक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने सीएम विजय की TVK सरकार की ओर से स्टे हटाने की मांग को खारिज कर दिया। इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि इन सीटों पर लंबित चुनाव याचिकाओं का फैसला होने तक उपचुनाव की अधिसूचना जारी करने की उसकी कोई योजना नहीं है।

इन पांच सीटों पर है मामला

जिन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव पर रोक जारी है, उनमें तिरुचि ईस्ट, विरालिमलाई, पेरुंदुरई, अंबासमुद्रम और करूर शामिल हैं। इन सीटों पर हुए चुनाव में विजयी उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव याचिकाएं मद्रास हाईकोर्ट में लंबित हैं। ECI की ओर से अदालत में कहा गया कि जब तक संबंधित चुनाव मामलों का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की जाएगी।

विजय सरकार की ओर से जल्द सुनवाई की मांग

चुनाव आयोग के इस रुख का मुख्यमंत्री विजय की ओर से विरोध किया गया। राज्य सरकार ने उपचुनाव पर रोक से संबंधित मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की है। हालांकि, अदालत ने अंतरिम रोक को आगे बढ़ाते हुए अगली तारीख 8 सितंबर तय की है।

10 जुलाई को पहली बार लगी थी रोक

मद्रास हाईकोर्ट की पीठ ने 10 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी करते हुए निर्वाचन आयोग को तिरुचि ईस्ट, पेरुंदुरई, अंबासमुद्रम, विरालिमलाई और करूर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराने से रोक दिया था। यह रोक पहले 31 जुलाई तक लागू थी। इसके बाद पिछली सुनवाई में अंतरिम आदेश को 24 अगस्त तक बढ़ाया गया था। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने एक बार फिर अंतरिम रोक को आगे बढ़ा दिया।

चुनाव आयोग का क्या है रुख?

भारत निर्वाचन आयोग ने मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि पांचों विधानसभा सीटों से जुड़ी चुनाव याचिकाओं का निपटारा होने तक उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की उसकी कोई योजना नहीं है। आयोग के मुताबिक, लंबित चुनाव मामलों पर फैसला आने के बाद ही इन सीटों पर उपचुनाव को लेकर आगे कदम उठाया जाएगा। हालांकि, मुख्यमंत्री विजय की ओर से आयोग के इस रुख का विरोध किया गया। राज्य सरकार ने उपचुनाव पर लगी रोक से संबंधित मामले में जल्द सुनवाई करने की मांग अदालत के सामने रखी है।

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