बारिश के बीच जबलपुर में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बीते दो दिनों में डेंगू के 5, चिकनगुनिया के 2 और मलेरिया का 1 नया मरीज मिला है। नए केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में अब तक डेंगू के 54, चिकनगुनिया के 33 और मलेरिया के 7 मरीज सामने आ चुके हैं। करीब एक महीने पहले तक डेंगू के 30, चिकनगुनिया के 21 और मलेरिया के 3 मरीज थे। डेंगू के नए मरीज पाटन, पनागर, निगरी, गढ़ा और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में मिले हैं। वहीं अंसार नगर (मदार टेकरी) की 11 वर्षीय बच्ची में मलेरिया की पुष्टि हुई है। मरीज मिलने वाले इलाकों में मलेरिया विभाग और नगर निगम की टीमें सर्वे के साथ कीटनाशक का छिड़काव कर रही हैं। अस्पतालों की ओपीडी में भी बढ़ी भीड़ त्योहार और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार-मंगलवार को अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल विक्टोरिया, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, रांझी अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में बुखार, उल्टी-दस्त और मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। जिला अस्पताल में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए स्लाइड तैयार की जा रही है। डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण वाले मरीजों को जांच के लिए विक्टोरिया अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। बारिश के बाद जमा पानी से बढ़ता है खतरा डॉ. कोठारी के मुताबिक बारिश के बाद घरों और आसपास जमा पानी में मच्छर पनपने लगते हैं। उन्होंने लोगों से कूलर, गमले, टायर, डिब्बे और अन्य जगहों पर पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या कमजोरी होने पर जांच कराने की सलाह दी गई है।

