पटना में 80 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। गांधी मैदान थाना क्षेत्र के एग्जीबिशन रोड स्थित पुष्प विहार अपार्टमेंट में रहने वाली महिला डॉक्टर डॉ. नीना अग्रवाल की बेटी मेहना नवल को निशाना बनाया गया। ठगों ने देश के जाने-माने बिजनेसमैन के नाम का इस्तेमाल कर करीब डेढ़ साल तक अलग-अलग बहाने से पैसे ट्रांसफर करवाए। डॉ. नीना अग्रवाल की लिखित शिकायत पर पटना साइबर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। साइबर थाने की डीएसपी संगीता कुमारी ने इस मामले की पुष्टि की है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रभावशाली लोगों का नाम लेकर युवती का विश्वास जीता FIR के मुताबिक, साइबर ठगों ने सबसे पहले मेहना नवल से टेलीग्राम के जरिए संपर्क साधा। उन्होंने खुद को देश के जाने-माने बिजनेसमैन सुनील भारती मित्तल के बेटे कविन भारती मित्तल और एलन मस्क का करीबी बताया। इस तरह बड़े और प्रभावशाली लोगों का नाम लेकर युवती का विश्वास जीता गया। आरोपियों ने टेलीग्राम पर ‘@officia KBM’ और ‘founder CEO @team’ जैसी आईडी का इस्तेमाल कर बातचीत की। लगातार चैटिंग के माध्यम से ठगों ने युवती से संपर्क बढ़ाया और धीरे-धीरे उसे अपने विश्वास में ले लिया। आपातकालीन इलाज का हवाला देकर भी पैसे मांगे ठगों ने युवती को विभिन्न तरीकों से अपने जाल में फंसाए रखा। कभी उसे नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया तो कभी शेयरधारक बनाने की बात कही गई। इसके अलावा, किसी व्यक्ति के आपातकालीन इलाज का हवाला देकर भी पैसे मांगे गए। हर बार ठगों ने ऐसा माहौल बनाया जिससे युवती को लगा कि वह किसी प्रभावशाली और भरोसेमंद व्यक्ति के संपर्क में है। पुलिस अब इन टेलीग्राम अकाउंट, चैट हिस्ट्री, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। आरोपियों ने यह भी कहा कि उनका बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही खाते से जुड़ी समस्या दूर होगी, युवती के सारे पैसे वापस कर दिए जाएंगे। इसी भरोसे में आकर वह लगातार रकम ट्रांसफर करती रही। मां के बचत खाते से निकालकर भेजती रही रकम ठगी का यह सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चलता रहा। मेहना नवल अपनी मां डॉ. नीना अग्रवाल के बचत खाते से पैसे निकालकर साइबर ठगों की ओर से बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करती रही। धीरे-धीरे रकम बढ़ती गई और कुल मिलाकर करीब 80 लाख रुपए की राशि ठगों तक पहुंच गई। शुरुआत में परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। युवती भी ठगों के झांसे में इस कदर आ गई थी कि उसे भरोसा था कि पैसे बाद में वापस मिल जाएंगे। पैसे निकालने पहुंचीं डॉक्टर तो खुला पूरा मामला मामले का खुलासा तब हुआ, जब डॉ. नीना अग्रवाल अपने बैंक खाते से पैसे निकालने पहुंचीं। खाते में भारी भरकम राशि गायब होने पर उन्हें शक हुआ। बैंक खाते की जानकारी लेने के बाद उन्हें पता चला कि बड़ी मात्रा में पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके बाद डॉक्टर ने अपनी बेटी से इस बारे में पूछताछ की। बातचीत के दौरान पूरे मामले की जानकारी सामने आई। तब परिवार को पता चला कि पिछले करीब डेढ़ साल से उनकी बेटी साइबर ठगों के संपर्क में थी और अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम ट्रांसफर कर रही थी। महिला डॉक्टर ने पटना साइबर थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश पुलिस अब इस मामले में डिजिटल और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही है। टेलीग्राम पर हुई बातचीत, इस्तेमाल किए गए अकाउंट, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और रकम के ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और उसके बाद उसे कहां ट्रांसफर किया गया।
साइबर डीएसपी ने लोगों को किया सावधान साइबर थाने की डीएसपी संगीता कुमारी ने लोगों से ऑनलाइन ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति पर सिर्फ ऑनलाइन बातचीत या बड़े लोगों का नाम लेने के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पटना में 80 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। गांधी मैदान थाना क्षेत्र के एग्जीबिशन रोड स्थित पुष्प विहार अपार्टमेंट में रहने वाली महिला डॉक्टर डॉ. नीना अग्रवाल की बेटी मेहना नवल को निशाना बनाया गया। ठगों ने देश के जाने-माने बिजनेसमैन के नाम का इस्तेमाल कर करीब डेढ़ साल तक अलग-अलग बहाने से पैसे ट्रांसफर करवाए। डॉ. नीना अग्रवाल की लिखित शिकायत पर पटना साइबर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। साइबर थाने की डीएसपी संगीता कुमारी ने इस मामले की पुष्टि की है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रभावशाली लोगों का नाम लेकर युवती का विश्वास जीता FIR के मुताबिक, साइबर ठगों ने सबसे पहले मेहना नवल से टेलीग्राम के जरिए संपर्क साधा। उन्होंने खुद को देश के जाने-माने बिजनेसमैन सुनील भारती मित्तल के बेटे कविन भारती मित्तल और एलन मस्क का करीबी बताया। इस तरह बड़े और प्रभावशाली लोगों का नाम लेकर युवती का विश्वास जीता गया। आरोपियों ने टेलीग्राम पर ‘@officia KBM’ और ‘founder CEO @team’ जैसी आईडी का इस्तेमाल कर बातचीत की। लगातार चैटिंग के माध्यम से ठगों ने युवती से संपर्क बढ़ाया और धीरे-धीरे उसे अपने विश्वास में ले लिया। आपातकालीन इलाज का हवाला देकर भी पैसे मांगे ठगों ने युवती को विभिन्न तरीकों से अपने जाल में फंसाए रखा। कभी उसे नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया तो कभी शेयरधारक बनाने की बात कही गई। इसके अलावा, किसी व्यक्ति के आपातकालीन इलाज का हवाला देकर भी पैसे मांगे गए। हर बार ठगों ने ऐसा माहौल बनाया जिससे युवती को लगा कि वह किसी प्रभावशाली और भरोसेमंद व्यक्ति के संपर्क में है। पुलिस अब इन टेलीग्राम अकाउंट, चैट हिस्ट्री, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। आरोपियों ने यह भी कहा कि उनका बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही खाते से जुड़ी समस्या दूर होगी, युवती के सारे पैसे वापस कर दिए जाएंगे। इसी भरोसे में आकर वह लगातार रकम ट्रांसफर करती रही। मां के बचत खाते से निकालकर भेजती रही रकम ठगी का यह सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चलता रहा। मेहना नवल अपनी मां डॉ. नीना अग्रवाल के बचत खाते से पैसे निकालकर साइबर ठगों की ओर से बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करती रही। धीरे-धीरे रकम बढ़ती गई और कुल मिलाकर करीब 80 लाख रुपए की राशि ठगों तक पहुंच गई। शुरुआत में परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। युवती भी ठगों के झांसे में इस कदर आ गई थी कि उसे भरोसा था कि पैसे बाद में वापस मिल जाएंगे। पैसे निकालने पहुंचीं डॉक्टर तो खुला पूरा मामला मामले का खुलासा तब हुआ, जब डॉ. नीना अग्रवाल अपने बैंक खाते से पैसे निकालने पहुंचीं। खाते में भारी भरकम राशि गायब होने पर उन्हें शक हुआ। बैंक खाते की जानकारी लेने के बाद उन्हें पता चला कि बड़ी मात्रा में पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके बाद डॉक्टर ने अपनी बेटी से इस बारे में पूछताछ की। बातचीत के दौरान पूरे मामले की जानकारी सामने आई। तब परिवार को पता चला कि पिछले करीब डेढ़ साल से उनकी बेटी साइबर ठगों के संपर्क में थी और अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम ट्रांसफर कर रही थी। महिला डॉक्टर ने पटना साइबर थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश पुलिस अब इस मामले में डिजिटल और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही है। टेलीग्राम पर हुई बातचीत, इस्तेमाल किए गए अकाउंट, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और रकम के ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और उसके बाद उसे कहां ट्रांसफर किया गया।
साइबर डीएसपी ने लोगों को किया सावधान साइबर थाने की डीएसपी संगीता कुमारी ने लोगों से ऑनलाइन ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति पर सिर्फ ऑनलाइन बातचीत या बड़े लोगों का नाम लेने के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

