डीएम बोले-‘अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे बेहतर इलाज’:खगड़िया में टीबी उन्मूलन, एनीमिया, एनसीडी स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड की प्रगति पर समीक्षा

डीएम बोले-‘अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे बेहतर इलाज’:खगड़िया में टीबी उन्मूलन, एनीमिया, एनसीडी स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड की प्रगति पर समीक्षा

खगड़िया में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचना चाहिए। बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग, निक्षय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, जांच, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र और फूड बास्केट वितरण की समीक्षा की गई। डीएम ने स्क्रीनिंग से लेकर इलाज और मरीजों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया प्रभावी बनाने को कहा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… एनीमिया और एनसीडी स्क्रीनिंग में सुधार पर जोर एनीमिया मुक्त बिहार अभियान और एनसीडी स्क्रीनिंग में कम उपलब्धि वाले प्रखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों को चिह्नित कर विशेष कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। स्क्रीनिंग के बाद जरूरतमंद लोगों की जांच, इलाज और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा गया। बेलदौर PHC भवन की होगी जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर के निर्माणाधीन नए भवन का मामला भी बैठक में उठा। डीएम ने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को बीएमएसआईसीएल की टीम के साथ भवन का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में भवन में बचे कार्यों की जानकारी देनी होगी। अधूरे काम की जानकारी राज्य स्तर पर देने का निर्देश डीएम ने कहा कि भवन में जो भी काम बाकी हैं, उनकी सूची तैयार कर राज्य स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक कार्रवाई के बाद भवन को जल्द पूरा कर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस्तेमाल में लाने का निर्देश दिया गया। कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने भी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कम उपलब्धि वाले प्रखंडों और स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सिर्फ रिपोर्ट नहीं, जमीन पर हो निगरानी डीडीसी ने कहा कि समीक्षा केवल प्रतिवेदन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। योजनाओं की वास्तविक स्थिति का क्षेत्र में नियमित अनुश्रवण किया जाए और कम उपलब्धि के कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। आयुष्मान कार्ड और इलाज की भी समीक्षा डीएम ने आयुष्मान कार्ड निर्माण और पात्र लाभार्थियों को उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की। उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, मानव संसाधन और आधारभूत संरचना का बेहतर उपयोग कर अधिक से अधिक पात्र मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। मातृ-शिशु स्वास्थ्य समेत कई सूचकांकों की समीक्षा बैठक में ओपीडी और मरीजों की सेवाएं, मां एवं बच्चे का स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, दवा व सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता, जांच एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं और मातृ मृत्यु समीक्षा समेत विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी चर्चा हुई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार, जिला लेखा प्रबंधक रंजीत कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति की टीम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, स्टोर कीपर और डेवलपमेंट पार्टनर्स के प्रतिनिधि मौजूद रहे। खगड़िया में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचना चाहिए। बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग, निक्षय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, जांच, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र और फूड बास्केट वितरण की समीक्षा की गई। डीएम ने स्क्रीनिंग से लेकर इलाज और मरीजों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया प्रभावी बनाने को कहा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… एनीमिया और एनसीडी स्क्रीनिंग में सुधार पर जोर एनीमिया मुक्त बिहार अभियान और एनसीडी स्क्रीनिंग में कम उपलब्धि वाले प्रखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों को चिह्नित कर विशेष कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। स्क्रीनिंग के बाद जरूरतमंद लोगों की जांच, इलाज और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा गया। बेलदौर PHC भवन की होगी जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर के निर्माणाधीन नए भवन का मामला भी बैठक में उठा। डीएम ने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को बीएमएसआईसीएल की टीम के साथ भवन का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में भवन में बचे कार्यों की जानकारी देनी होगी। अधूरे काम की जानकारी राज्य स्तर पर देने का निर्देश डीएम ने कहा कि भवन में जो भी काम बाकी हैं, उनकी सूची तैयार कर राज्य स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक कार्रवाई के बाद भवन को जल्द पूरा कर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस्तेमाल में लाने का निर्देश दिया गया। कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने भी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कम उपलब्धि वाले प्रखंडों और स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सिर्फ रिपोर्ट नहीं, जमीन पर हो निगरानी डीडीसी ने कहा कि समीक्षा केवल प्रतिवेदन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। योजनाओं की वास्तविक स्थिति का क्षेत्र में नियमित अनुश्रवण किया जाए और कम उपलब्धि के कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। आयुष्मान कार्ड और इलाज की भी समीक्षा डीएम ने आयुष्मान कार्ड निर्माण और पात्र लाभार्थियों को उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की। उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, मानव संसाधन और आधारभूत संरचना का बेहतर उपयोग कर अधिक से अधिक पात्र मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। मातृ-शिशु स्वास्थ्य समेत कई सूचकांकों की समीक्षा बैठक में ओपीडी और मरीजों की सेवाएं, मां एवं बच्चे का स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, दवा व सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता, जांच एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं और मातृ मृत्यु समीक्षा समेत विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी चर्चा हुई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार, जिला लेखा प्रबंधक रंजीत कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति की टीम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, स्टोर कीपर और डेवलपमेंट पार्टनर्स के प्रतिनिधि मौजूद रहे।  

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