डीएम ने की राष्ट्रीय पोषण माह-परिवार नियोजन पखवाड़े की समीक्षा:”हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” थीम पर जोर, 8 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

डीएम ने की राष्ट्रीय पोषण माह-परिवार नियोजन पखवाड़े की समीक्षा:”हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” थीम पर जोर, 8 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

नवादा समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के सफल आयोजन को लेकर बैठक हुई। इस बैठक की शुरुआत दीप जलाकर की गई। बताया गया कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 30 दिवसीय पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इस साल की थीम “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” है। अभियान में गर्भधारण से बच्चे की दो साल की उम्र तक के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण और देखभाल पर खास ध्यान दिया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण मेला, रेसिपी प्रदर्शनी, गोदभराई और अन्नप्राशन दिवस आयोजित होंगे। स्थानीय पौष्टिक खाने के सामान, हरी सब्जियां, दाल, मखाना और श्री अन्न के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। डीएम ने गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को घर में सबसे पहले खाना खाने का संदेश दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग को एनीमिया की जांच, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की पहचान व इलाज पर जोर देने को कहा गया। बैठक में परिवार नियोजन पखवाड़े की भी समीक्षा की गई। 7 से 13 सितंबर तक दंपति संपर्क पखवाड़ा और 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा चलाया जा रहा है। महिला बंध्याकरण के लिए जिले को 1120 का लक्ष्य दिया गया है, वहीं, हर प्रखंड से कम से कम दो पुरुष नसबंदी कराने पर जोर दिया गया। 15 सितंबर को रैली, मीडिया ब्रीफिंग और स्वास्थ्य मेला आयोजित करने की योजना बताई गई। डीएम ने स्वास्थ्य, आईसीडीएस, जीविका, शिक्षा और पंचायती राज विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश दिया। नवादा समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के सफल आयोजन को लेकर बैठक हुई। इस बैठक की शुरुआत दीप जलाकर की गई। बताया गया कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 30 दिवसीय पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इस साल की थीम “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” है। अभियान में गर्भधारण से बच्चे की दो साल की उम्र तक के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण और देखभाल पर खास ध्यान दिया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण मेला, रेसिपी प्रदर्शनी, गोदभराई और अन्नप्राशन दिवस आयोजित होंगे। स्थानीय पौष्टिक खाने के सामान, हरी सब्जियां, दाल, मखाना और श्री अन्न के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। डीएम ने गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को घर में सबसे पहले खाना खाने का संदेश दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग को एनीमिया की जांच, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की पहचान व इलाज पर जोर देने को कहा गया। बैठक में परिवार नियोजन पखवाड़े की भी समीक्षा की गई। 7 से 13 सितंबर तक दंपति संपर्क पखवाड़ा और 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा चलाया जा रहा है। महिला बंध्याकरण के लिए जिले को 1120 का लक्ष्य दिया गया है, वहीं, हर प्रखंड से कम से कम दो पुरुष नसबंदी कराने पर जोर दिया गया। 15 सितंबर को रैली, मीडिया ब्रीफिंग और स्वास्थ्य मेला आयोजित करने की योजना बताई गई। डीएम ने स्वास्थ्य, आईसीडीएस, जीविका, शिक्षा और पंचायती राज विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश दिया।  

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