गोंडा में रेलवे सुरक्षा बल और स्वयंसेवी संस्थाओं की टीम ने शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे गोंडा रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी के मामले का खुलासा किया। जननायक एक्सप्रेस से 12 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि बच्चों को बिहार से हरियाणा मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। ट्रेन में सहमे दिखे बच्चे, टीम को हुआ शक सीआईबी गोंडा और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम गुरुवार शाम करीब 6 बजे ट्रेनों में सुरक्षा जांच कर रही थी। बरुआचक स्टेशन से ट्रेन संख्या 15211 जननायक एक्सप्रेस रवाना हुई। सामान्य कोच में टीम को कुछ बच्चे डरे और सहमे हुए दिखाई दिए। शक होने पर टीम ने उनकी निगरानी शुरू की। गोंडा स्टेशन पर बच्चों को ट्रेन से उतारा शाम करीब 6:15 बजे ट्रेन गोंडा स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन रुकते ही आरपीएफ और टीओपीबी टीम की मदद से बच्चों और संदिग्धों को नीचे उतारा गया। पूछताछ में दो युवकों की पहचान प्रमोद कुमार और विजय शाह के रूप में हुई। प्रमोद की उम्र 19 साल और विजय की उम्र 27 साल है। दोनों बिहार के मोतिहारी जिले के मेहसी के रहने वाले हैं। कुरुक्षेत्र की राइस मिल में मजदूरी कराने का आरोप पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ठेकेदार अनिल और मुकेश के कहने पर बच्चों को बिहार से हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पेहवा स्थित एक राइस मिल में मजदूरी कराने ले जा रहे थे। आरोप है कि बच्चों के परिजनों को एडवांस पैसे दिए गए थे। मुक्त कराए गए सभी 12 बच्चों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में दर्ज हुआ मुकदमा गोंडा आरपीएफ प्रभारी अनिरुद्ध प्रसाद ने बताया कि सीआईबी निरीक्षक की शिकायत पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना गोंडा में देर शाम मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों और ठेकेदारों के खिलाफ बीएनएस, बाल श्रम और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की गई है। मेडिकल के बाद किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया पुलिस के अनुसार, सभी बच्चों का मेडिकल और वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद उन्हें चाइल्डलाइन की देखरेख में किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया। बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया चल रही है। पहले भी स्टेशन से बच्चों को कराया जा चुका है मुक्त आरपीएफ के मुताबिक, इससे पहले भी गोंडा रेलवे स्टेशन से बिहार ले जाई जा रही कुछ लड़कियों को इसी तरह मुक्त कराया गया था। उस मामले में भी कार्रवाई की गई थी।

