गयाजी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की टीम ने एक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेनों में यात्रियों से दोस्ती कर उन्हें नशीला बिस्किट या चाय पिलाकर बेहोश कर देता था। फिर उनके मोबाइल और अन्य सामान लूटकर फरार हो जाता था। आरोपी के पास से छह स्मार्ट मोबाइल फोन, 120 नशीली गोलियां, संदिग्ध नशीला पाउडर, बिस्किट, डेबिट कार्ड और रेलवे टिकट मिले हैं। रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। यह मामला 4 अक्टूबर को वारिसलीगंज में एक यात्री के बेहोश मिलने के बाद सामने आया। जांच में पता चला कि उसे ट्रेन में जहरखुरानी का शिकार बनाया गया था। इसके बाद एक संयुक्त टीम बनी। तकनीकी सबूतों और जानकारी के आधार पर 7 अक्टूबर को गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1सी पर गश्त के दौरान आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम रमेश कुमार (55) बताया जो नालंदा का है। संदेह के आधार पर उसके बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में संदिग्ध सामान बरामद हुए।
यात्रियों को ऐसे बनाता था अपना शिकार
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में सफर के दौरान पहले किसी यात्री को बातचीत के जरिए अपने विश्वास में लेता था। इसके बाद वह यात्री को अपना सामान देखने के लिए कहकर चाय या बिस्किट लाने की बात करता था। इसी दौरान वह चाय, बिस्किट अथवा किसी अन्य खाने की चीज में नशीला पदार्थ मिला देता था। कुछ मामलों में नशीला पदार्थ पाउडर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। यात्री के बेहोश होने के बाद आरोपी उसका मोबाइल और अन्य सामान चोरी कर लेता था और मौका देखकर ट्रेन से उतर जाता था। ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत की गई। सहायक सुरक्षा आयुक्त गया संजय कुमार सिंह और रेल पुलिस उपाधीक्षक गुलशन कुमार के निर्देशन में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम में RPF पोस्ट गया के अधिकारी एवं जवान, अपराध आसूचना शाखा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे में जहरखुरानी की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। गयाजी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की टीम ने एक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेनों में यात्रियों से दोस्ती कर उन्हें नशीला बिस्किट या चाय पिलाकर बेहोश कर देता था। फिर उनके मोबाइल और अन्य सामान लूटकर फरार हो जाता था। आरोपी के पास से छह स्मार्ट मोबाइल फोन, 120 नशीली गोलियां, संदिग्ध नशीला पाउडर, बिस्किट, डेबिट कार्ड और रेलवे टिकट मिले हैं। रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। यह मामला 4 अक्टूबर को वारिसलीगंज में एक यात्री के बेहोश मिलने के बाद सामने आया। जांच में पता चला कि उसे ट्रेन में जहरखुरानी का शिकार बनाया गया था। इसके बाद एक संयुक्त टीम बनी। तकनीकी सबूतों और जानकारी के आधार पर 7 अक्टूबर को गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1सी पर गश्त के दौरान आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम रमेश कुमार (55) बताया जो नालंदा का है। संदेह के आधार पर उसके बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में संदिग्ध सामान बरामद हुए।
यात्रियों को ऐसे बनाता था अपना शिकार
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में सफर के दौरान पहले किसी यात्री को बातचीत के जरिए अपने विश्वास में लेता था। इसके बाद वह यात्री को अपना सामान देखने के लिए कहकर चाय या बिस्किट लाने की बात करता था। इसी दौरान वह चाय, बिस्किट अथवा किसी अन्य खाने की चीज में नशीला पदार्थ मिला देता था। कुछ मामलों में नशीला पदार्थ पाउडर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। यात्री के बेहोश होने के बाद आरोपी उसका मोबाइल और अन्य सामान चोरी कर लेता था और मौका देखकर ट्रेन से उतर जाता था। ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत की गई। सहायक सुरक्षा आयुक्त गया संजय कुमार सिंह और रेल पुलिस उपाधीक्षक गुलशन कुमार के निर्देशन में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम में RPF पोस्ट गया के अधिकारी एवं जवान, अपराध आसूचना शाखा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे में जहरखुरानी की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

