इंदौर के टिंबर मार्केट में स्टॉक और रिकॉर्ड में अंतर की शिकायतों के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने तीन आरा मशीनों को सील किया है। इनमें जालाराम टिंबर, प्रशांत टिंबर और सांवेर में सुनिल परमार की आरा मशीन शामिल है। विभाग के मुताबिक तीनों जगह रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला है। इन गोडाउन में स्टॉक की गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद विभाग ने करीब तीन महीने पहले अंदरूनी स्तर पर जांच शुरू की थी। इस दौरान संबंधित दस्तावेज लिए गए और अभिलेखों में दर्ज स्टॉक का मौके पर मौजूद स्टॉक से मिलान किया जा रहा था। भोपाल की टीम की कार्रवाई के बाद इंदौर की टीम पहुंची
मामले में भोपाल से आई राज्य स्तरीय टीम ने कार्रवाई की थी। इसके बाद इंदौर वन विभाग की टीम भी मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों और रजिस्ट्री टीम के समन्वय से कार्रवाई की गई। रेंजर संगीता ठाकुर ने बताया कि जांच के दौरान जब अभिलेखों और वास्तविक स्टॉक में अंतर स्पष्ट हो गया, तब नियमानुसार कार्रवाई की गई। टीम ने संबंधित मशीनों को सील करने के साथ प्रकरण भी तैयार किया है। तीन महीने से चल रही थी जांच
ठाकुर ने बताया कि मशीन को सील करने की जांच आज से शुरू नहीं हुई थी। करीब तीन महीने से रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान किया जा रहा था। दस्तावेजों की जांच के बाद अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की गई। तीन दिन पहले जालाराम टिंबर में भी कार्रवाई की गई थी। अब विभाग ने तीन स्थानों की आरा मशीनों को सील किया है। अन्य आरा मशीनों के संबंध में भी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जहां भी अभिलेखों और वास्तविक स्टॉक में अंतर या अनियमितता सामने आएगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बगैर सील हैमर के हो रहा काम
जानकारी अनुसार हातोद, देपालपुर आदि स्थानों पर भी आरा मशीनों पर बगैर सील हैमर के लकड़ियां पहुंच रही है। इस संबंध में भी वन विभाग के पास शिकायत पहुंची है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा टिंबर मार्केट में एक स्थान पर सात आरा मशीन संचालित हो रही है, क्षमता से अधिक सागवान रखी हुई है, टीम अब इसकी जांच करेगी।

