किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) पंजाब ने राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ अपना विरोध-प्रदर्शन और तेज कर दिया है। कमेटी ने मानसा एक्शन कमेटी के आह्वान का पूर्ण समर्थन करते हुए पंजाब भर में गांव स्तर पर ‘झाड़ू’ के पुतले फूंकने के कार्यक्रम में शामिल होने का ऐलान किया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सभरां ने कहा कि पंजाब के लोगों ने बहुत उम्मीदों और चाव के साथ ‘झाड़ू’ वाली सरकार बनाई थी। लेकिन आज वही जनता सरकार के काम पर गंभीर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में समाजसेवियों की खुलेआम हत्याएं हो रही हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय पाने के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। 13 दिन बाद भी इंसाफ नहीं सुखविंदर सिंह सभरां ने बातचीत के दौरान परविंदर सिंह झोटा के मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के 13 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार पीड़ित परिवार की मांगों पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के खिलाफ दो मामले दर्ज होने की बात सामने आने के बावजूद उसे महज कुछ ही दिनों में लाइसेंस जारी कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि झोटा के परिवार को तुरंत इंसाफ दिया जाए और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। गांवों में नेताओं से सवाल पूछने का आह्वान सभरां ने किसान-मजदूर संगठनों व आम लोगों से अपील की कि वे मानसा एक्शन कमेटी के आह्वान पर हर गांव में झाड़ू के पुतले जलाकर अपना रोष दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जब आम आदमी पार्टी के नेता गांवों में वोट मांगने आएंगे, तो जनता को उनसे सरकार की नाकामियों पर कड़े सवाल पूछने चाहिए। उन्होंने आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि पंजाब को बचाने के लिए किसानों और युवाओं को बचाना बेहद जरूरी है। इस विरोध प्रदर्शन और घोषणा के दौरान नछत्तर सिंह फौजी, अजीत सिंह बाठ, साहिब सिंह, हज़मेर सिंह बाठ, जुगराज सिंह, दलजीत सिंह, दलेर सिंह, गुरविंदर सिंह, बलकार सिंह, मुख्तियार सिंह, रणजीत सिंह, ग्रेवाल सिंह, हरपाल सिंह समेत कई प्रमुख किसान नेता मौजूद रहे। इसके अलावा बीबी रमणजीत कौर, मनप्रीत कौर, चितिंदर कौर और गुरविंदर पाल कौर सहित KMSC के अनेक सदस्य भी उपस्थित थे।

