झालमुड़ी बेचने वाले के बेटे का भारतीय टीम में चयन:जूनियर वर्ल्ड पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप में शामिल होंगे, उज्बेकिस्तान में प्रतियोगिता

झालमुड़ी बेचने वाले के बेटे का भारतीय टीम में चयन:जूनियर वर्ल्ड पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप में शामिल होंगे, उज्बेकिस्तान में प्रतियोगिता

भागलपुर के परवत्ती निवासी प्रिंस कुमार का चयन छठी जूनियर वर्ल्ड पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। वह उज्बेकिस्तान में होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रिंस की इस उपलब्धि ने शहर का मान बढ़ाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के लिए उनके सामने आर्थिक चुनौती है। उनके पिता दीपक मंडल झालमुड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में प्रतियोगिता में भाग लेने का खर्च जुटाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा है। किलकारी बिहार बाल भवन के खिलाड़ी हैं प्रिंस किलकारी बिहार बाल भवन, भागलपुर के खिलाड़ी हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन से खेल में अपनी पहचान बनाई है। राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पदक जीतने के बाद अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते पदक प्रिंस ने अरवल में आयोजित राज्य स्तरीय पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य और महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इन उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन भारतीय टीम में हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए आर्थिक सहयोग की अपील किलकारी के प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में प्रिंस को मेहनती, अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी बताया। उन्होंने समाजसेवियों और खेल प्रेमियों से आर्थिक सहयोग देने की अपील की, ताकि प्रिंस उज्बेकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें। प्रमंडलीय कार्यक्रम पदाधिकारी साहिल राज ने भी प्रिंस की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मौके पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी यशस्वी निधि और राकेश रोशन सहित अन्य मौजूद थे। भागलपुर के परवत्ती निवासी प्रिंस कुमार का चयन छठी जूनियर वर्ल्ड पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। वह उज्बेकिस्तान में होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रिंस की इस उपलब्धि ने शहर का मान बढ़ाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के लिए उनके सामने आर्थिक चुनौती है। उनके पिता दीपक मंडल झालमुड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में प्रतियोगिता में भाग लेने का खर्च जुटाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा है। किलकारी बिहार बाल भवन के खिलाड़ी हैं प्रिंस किलकारी बिहार बाल भवन, भागलपुर के खिलाड़ी हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन से खेल में अपनी पहचान बनाई है। राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पदक जीतने के बाद अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते पदक प्रिंस ने अरवल में आयोजित राज्य स्तरीय पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य और महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इन उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन भारतीय टीम में हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए आर्थिक सहयोग की अपील किलकारी के प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में प्रिंस को मेहनती, अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी बताया। उन्होंने समाजसेवियों और खेल प्रेमियों से आर्थिक सहयोग देने की अपील की, ताकि प्रिंस उज्बेकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें। प्रमंडलीय कार्यक्रम पदाधिकारी साहिल राज ने भी प्रिंस की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मौके पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी यशस्वी निधि और राकेश रोशन सहित अन्य मौजूद थे।  

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