गयाजी सेंट्रल जेल में बंद 5 लाख रुपए के इनामी मो. अरमान को यूपी पुलिस रविवार शाम प्रयागराज ले गई। अरमान ने प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या की थी। पुष्टि एसएसपी सुशील कुमार ने की है। अरमान के परिवार को अब उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही है। परिजन कहते हैं कि कहीं अरमान का एनकाउंटर न हो जाए। परिजन का आरोप है कि यूपी पुलिस ने कार्रवाई से पहले हमें जानकारी तक नहीं दी। हमें तो अरमान के वकील ने बताया कि यूपी पुलिस उसे ले जा रही है। सरकार से सुरक्षा की मांग की
अरमान के छोटे भाई ने कहा कि पहले भी हम आशंका जता चुके हैं कि भाई की जान को खतरा है। अब यूपी पुलिस उसे प्रयागराज ले गई। डर है कि अरमान के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अदालत का जो भी फैसला होगा, परिवार उसे स्वीकार करेगा, लेकिन भाई की सुरक्षा होनी चाहिए। अरमान को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। परिवार ने सरकार और न्यायालय से अरमान की सुरक्षा की मांग की है। देखना है कि प्रयागराज में पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
यूपी पुलिस से बचने के लिए अरमान गयाजी आ गया था दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस जिस अरमान को साल 2023 से तलाश कर रही थी, वह गयाजी सेंट्रल जेल में बंद था। अरमान उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों में शामिल है। यूपी पुलिस ने अरमान पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। वह अतीक अहमद का खास शूटर रहा है। अरमान मूल रूप से गयाजी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस से बचने के लिए वह गयाजी आ गया था। अरमान ने कटारी तालाब के पास ‘भोलू अंडा वाले’ पर फायरिंग की थी। इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज था। इसी मामले में उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद अरमान को गयाजी सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस को सूचना मिली कि अरमान गयाजी सेंट्रल जेल में बंद है। सूचना के आधार पर यूपी पुलिस गयाजी पहुंची और जांच-पड़ताल कर अरमान की पहचान की। इसके बाद उसे अपने साथ ले जाने के लिए यूपी पुलिस ने कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की। यूपी पुलिस 30 सिंतबर को पहुंची थी गयाजी सेंट्रल जेल यूपी पुलिस लगातार अरमान की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान गयाजी के जेल में बंद होने की सूचना मिली। इस सूचना के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची। पुलिस ने जेल में अरमान की ताजा तस्वीर खींचीं। सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। यूपी पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी कर लौट गई। अगले ही दिन यानी 1 अक्टूबर को यूपी पुलिस ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे ले गई।
कौन-कौन थे उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी, शूटरों का मौजूद स्टेटस 1. मुख्य शूटर (जो अब भी फरार या मोस्ट वांटेड हैं) गुड्डू मुस्लिम (इनाम: ₹5 लाख): अतीक का सबसे खास बमबाज। 24 फरवरी को सरेआम बम फेंकते दिखा था। वह अब भी फरार है। मोहम्मद अरमान (इनाम: ₹5 लाख): अतीक गैंग का शूटर। बाइक से गुड्डू मुस्लिम को लेकर आया था। अभी गया जेल में मिला है। साबिर (इनाम: ₹5 लाख): अतीक गैंग का शूटर। उसने राइफल से गनर संदीप निषाद पर गोलियां चलाई थीं। वह अब भी फरार है। 2. मुठभेड़ में ढेर हुए आरोपी असद अहमद (इनाम: ₹5 लाख): अतीक अहमद का बेटा। 13 अप्रैल 2023 को झांसी में यूपी STF की मुठभेड़ में मारा गया। गुलाम उर्फ गुलाम हसन (इनाम: ₹5 लाख): मुख्य शूटर। असद के साथ झांसी एनकाउंटर में ढेर हो गया था। 3. साजिश में शामिल फरार महिलाएं शाइस्ता परवीन (इनाम: ₹50 हजार): अतीक अहमद की पत्नी। हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता। अब भी फरार। आयशा नूरी (इनाम: ₹25 हजार): अतीक की बहन। गैंगस्टर एक्ट में आरोपी और फरार। जैनब उर्फ रूबी: अतीक के भाई अशरफ की पत्नी। साजिश में नाम सामने आया, अब भी फरार। 4. जेल में बंद अन्य आरोपी मोहम्मद उमर व अली अहमद: अतीक अहमद के दोनों बेटे। साजिश के आरोप में जेल में बंद हैं। खान सौलत हनीफ व विजय मिश्रा: अतीक के वकील। गैंगस्टर एक्ट की चार्जशीट में नाम, जेल में बंद। अखलाक अहमद: अतीक का साला (डॉक्टर)। गुड्डू मुस्लिम को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार। सदाकत खान: साजिश रचने का आरोपी, जेल में बंद। गयाजी सेंट्रल जेल में बंद 5 लाख रुपए के इनामी मो. अरमान को यूपी पुलिस रविवार शाम प्रयागराज ले गई। अरमान ने प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या की थी। पुष्टि एसएसपी सुशील कुमार ने की है। अरमान के परिवार को अब उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही है। परिजन कहते हैं कि कहीं अरमान का एनकाउंटर न हो जाए। परिजन का आरोप है कि यूपी पुलिस ने कार्रवाई से पहले हमें जानकारी तक नहीं दी। हमें तो अरमान के वकील ने बताया कि यूपी पुलिस उसे ले जा रही है। सरकार से सुरक्षा की मांग की
अरमान के छोटे भाई ने कहा कि पहले भी हम आशंका जता चुके हैं कि भाई की जान को खतरा है। अब यूपी पुलिस उसे प्रयागराज ले गई। डर है कि अरमान के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अदालत का जो भी फैसला होगा, परिवार उसे स्वीकार करेगा, लेकिन भाई की सुरक्षा होनी चाहिए। अरमान को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। परिवार ने सरकार और न्यायालय से अरमान की सुरक्षा की मांग की है। देखना है कि प्रयागराज में पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
यूपी पुलिस से बचने के लिए अरमान गयाजी आ गया था दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस जिस अरमान को साल 2023 से तलाश कर रही थी, वह गयाजी सेंट्रल जेल में बंद था। अरमान उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों में शामिल है। यूपी पुलिस ने अरमान पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। वह अतीक अहमद का खास शूटर रहा है। अरमान मूल रूप से गयाजी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस से बचने के लिए वह गयाजी आ गया था। अरमान ने कटारी तालाब के पास ‘भोलू अंडा वाले’ पर फायरिंग की थी। इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज था। इसी मामले में उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद अरमान को गयाजी सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस को सूचना मिली कि अरमान गयाजी सेंट्रल जेल में बंद है। सूचना के आधार पर यूपी पुलिस गयाजी पहुंची और जांच-पड़ताल कर अरमान की पहचान की। इसके बाद उसे अपने साथ ले जाने के लिए यूपी पुलिस ने कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की। यूपी पुलिस 30 सिंतबर को पहुंची थी गयाजी सेंट्रल जेल यूपी पुलिस लगातार अरमान की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान गयाजी के जेल में बंद होने की सूचना मिली। इस सूचना के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची। पुलिस ने जेल में अरमान की ताजा तस्वीर खींचीं। सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। यूपी पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी कर लौट गई। अगले ही दिन यानी 1 अक्टूबर को यूपी पुलिस ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे ले गई।
कौन-कौन थे उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी, शूटरों का मौजूद स्टेटस 1. मुख्य शूटर (जो अब भी फरार या मोस्ट वांटेड हैं) गुड्डू मुस्लिम (इनाम: ₹5 लाख): अतीक का सबसे खास बमबाज। 24 फरवरी को सरेआम बम फेंकते दिखा था। वह अब भी फरार है। मोहम्मद अरमान (इनाम: ₹5 लाख): अतीक गैंग का शूटर। बाइक से गुड्डू मुस्लिम को लेकर आया था। अभी गया जेल में मिला है। साबिर (इनाम: ₹5 लाख): अतीक गैंग का शूटर। उसने राइफल से गनर संदीप निषाद पर गोलियां चलाई थीं। वह अब भी फरार है। 2. मुठभेड़ में ढेर हुए आरोपी असद अहमद (इनाम: ₹5 लाख): अतीक अहमद का बेटा। 13 अप्रैल 2023 को झांसी में यूपी STF की मुठभेड़ में मारा गया। गुलाम उर्फ गुलाम हसन (इनाम: ₹5 लाख): मुख्य शूटर। असद के साथ झांसी एनकाउंटर में ढेर हो गया था। 3. साजिश में शामिल फरार महिलाएं शाइस्ता परवीन (इनाम: ₹50 हजार): अतीक अहमद की पत्नी। हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता। अब भी फरार। आयशा नूरी (इनाम: ₹25 हजार): अतीक की बहन। गैंगस्टर एक्ट में आरोपी और फरार। जैनब उर्फ रूबी: अतीक के भाई अशरफ की पत्नी। साजिश में नाम सामने आया, अब भी फरार। 4. जेल में बंद अन्य आरोपी मोहम्मद उमर व अली अहमद: अतीक अहमद के दोनों बेटे। साजिश के आरोप में जेल में बंद हैं। खान सौलत हनीफ व विजय मिश्रा: अतीक के वकील। गैंगस्टर एक्ट की चार्जशीट में नाम, जेल में बंद। अखलाक अहमद: अतीक का साला (डॉक्टर)। गुड्डू मुस्लिम को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार। सदाकत खान: साजिश रचने का आरोपी, जेल में बंद।

