पितृपक्ष में मंगलवार को गयाजी पहुंचे उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता विजय पाल सिंह तोमर ने पहले विष्णुपद मंदिर में पितरों का पिंडदान किया। इसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया। उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने कहा कि कांग्रेस जीतती है तो चुनाव व्यवस्था ठीक लगती है। हारते ही वोट चोरी का आरोप लगाने लगती है। भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य तोमर पहली बार गया पहुंचे थे। विष्णुपद मंदिर में उन्होंने पूरे विधि-विधान से पिंडदान किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में कई बार चुनावी दौरे पर आए हैं। लेकिन गया आने का यह पहला मौका है। यहां पितरों के लिए पिंडदान करने का अवसर मिला। तोमर ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया पिंडदान के बाद बातचीत का रुख जल्द ही राजनीति की ओर मुड़ गया। चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की मांगों पर सवाल हुआ तो तोमर ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर कांग्रेस को सब ठीक नजर आता है। लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं। तोमर ने कांग्रेस के वोट चोरी से जुड़े आरोपों को भी खारिज किया। कहा कि पार्टी को अपने आरोपों पर बार-बार जवाब देना पड़ा है। चिराग के यूपी में चुनाव लड़ने के सवाल पर बोले- कुछ नहीं कहना चिराग पासवान की पार्टी के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने के सवाल पर तोमर ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता। ‘जहां एनडीए की सरकार, वहां बेहतर कानून व्यवस्था’ एनडीए सरकारों के कामकाज पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां भी एनडीए की सरकार रही है, वहां कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से स्थापित करने का काम किया गया है। गया पहुंचने के दौरान तोमर ने पितृपक्ष मेले की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने अपने पूर्वजों के निमित पिंडदान के बाद गया की धार्मिक परंपरा और पितृपक्ष की महत्ता के प्रति अपना आदर भाव भी प्रकट किया। साथ ही पिंडदान में सहयोग के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताया। इस तरह पितरों के लिए कर्मकांड करने गया पहुंचे तोमर का गया दौरा धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। विष्णुपद में पिंडदान के बाद उनके राजनीतिक बयान ने सियासी रंग भी दे दिया। पितृपक्ष में मंगलवार को गयाजी पहुंचे उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता विजय पाल सिंह तोमर ने पहले विष्णुपद मंदिर में पितरों का पिंडदान किया। इसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया। उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने कहा कि कांग्रेस जीतती है तो चुनाव व्यवस्था ठीक लगती है। हारते ही वोट चोरी का आरोप लगाने लगती है। भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य तोमर पहली बार गया पहुंचे थे। विष्णुपद मंदिर में उन्होंने पूरे विधि-विधान से पिंडदान किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में कई बार चुनावी दौरे पर आए हैं। लेकिन गया आने का यह पहला मौका है। यहां पितरों के लिए पिंडदान करने का अवसर मिला। तोमर ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया पिंडदान के बाद बातचीत का रुख जल्द ही राजनीति की ओर मुड़ गया। चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की मांगों पर सवाल हुआ तो तोमर ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर कांग्रेस को सब ठीक नजर आता है। लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं। तोमर ने कांग्रेस के वोट चोरी से जुड़े आरोपों को भी खारिज किया। कहा कि पार्टी को अपने आरोपों पर बार-बार जवाब देना पड़ा है। चिराग के यूपी में चुनाव लड़ने के सवाल पर बोले- कुछ नहीं कहना चिराग पासवान की पार्टी के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने के सवाल पर तोमर ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता। ‘जहां एनडीए की सरकार, वहां बेहतर कानून व्यवस्था’ एनडीए सरकारों के कामकाज पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां भी एनडीए की सरकार रही है, वहां कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से स्थापित करने का काम किया गया है। गया पहुंचने के दौरान तोमर ने पितृपक्ष मेले की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने अपने पूर्वजों के निमित पिंडदान के बाद गया की धार्मिक परंपरा और पितृपक्ष की महत्ता के प्रति अपना आदर भाव भी प्रकट किया। साथ ही पिंडदान में सहयोग के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताया। इस तरह पितरों के लिए कर्मकांड करने गया पहुंचे तोमर का गया दौरा धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। विष्णुपद में पिंडदान के बाद उनके राजनीतिक बयान ने सियासी रंग भी दे दिया।

